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आगरा का मास्टर प्लान 2031: शासन ने एडीए को वापस कर दिया प्लान, मांगी एक सप्ताह में रिपोर्ट
Tue, 22 Oct 2024 08:48 AM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Tue, 22 Oct 2024 08:48 AM IST
सार
आगरा के मास्टर प्लान 2031 पर एक बार फिर आपत्ति लग गई है। शासन ने इसे वापस करते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के क्षेत्र का मानचित्र स्पष्ट निर्धारण करने के लिए कहा है।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा के मास्टर प्लान 2031 पर फिर आपत्ति लग गई। शासन ने एडीए को प्लान वापस कर दिया है। प्लान में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के अधिसूचित गांव का स्पष्ट निर्धारण मानचित्र पर करने के निर्देश दिए हैं। एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी गई है।
यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अधिसूचित गांव को मास्टर प्लान से बाहर करने का प्रत्यावेदन दिया था। जिसे शासन ने स्वीकार करते हुए उन गांव को मास्टर प्लान से बाहर करने के निर्देश दिए थे। गांव को बाहर करते हुए उनका भू उपयोग बदल दिया, लेकिन मास्टर प्लान में मानचित्र पर स्पष्ट निर्धारण नहीं किया गया। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को अगस्त में एडीए ने बोर्ड की स्वीकृति के बाद मास्टर प्लान अनुमोदन के लिए भेजा था। प्लान पर आपत्ति जताते हुए शासन ने इसे फिर एडीए को वापस भेजा है।
एडीए नगर नियोजक प्रभात कुमार के अनुसार नए सिरे से मास्टर प्लान के मानचित्र में परिवर्तन किया जाएगा। परिचालन के माध्यम से दोबारा बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। बोर्ड से इसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा। मास्टर प्लान 2031 पर तीन साल से कवायद चल रही है।
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यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने अधिसूचित गांव को मास्टर प्लान से बाहर करने का प्रत्यावेदन दिया था। जिसे शासन ने स्वीकार करते हुए उन गांव को मास्टर प्लान से बाहर करने के निर्देश दिए थे। गांव को बाहर करते हुए उनका भू उपयोग बदल दिया, लेकिन मास्टर प्लान में मानचित्र पर स्पष्ट निर्धारण नहीं किया गया। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को अगस्त में एडीए ने बोर्ड की स्वीकृति के बाद मास्टर प्लान अनुमोदन के लिए भेजा था। प्लान पर आपत्ति जताते हुए शासन ने इसे फिर एडीए को वापस भेजा है।
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एडीए नगर नियोजक प्रभात कुमार के अनुसार नए सिरे से मास्टर प्लान के मानचित्र में परिवर्तन किया जाएगा। परिचालन के माध्यम से दोबारा बोर्ड की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। बोर्ड से इसे अनुमोदन के लिए शासन को भेजा जाएगा। मास्टर प्लान 2031 पर तीन साल से कवायद चल रही है।
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