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आगरा कथा: अकबर ने लाल पत्थर से बनवाया था अपने घोड़े का स्मारक, जानिए इसका इतिहास
Sun, 11 Jul 2021 03:02 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 11 Jul 2021 03:02 PM IST
सार
एक कहानी के मुताबिक बादशाह अकबर ने दिल्ली से आगरा तक अपने घोड़े पर सफर किया था। थकान के चलते घोड़े की मौत हो गई और उसे यहीं दफना दिया गया।
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लाल पत्थर से बने घोड़े का स्मारक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में गुरुद्वारा गुरु के ताल के सामने फ्लाईओवर से उतरते ही बांयी ओर लाल पत्थर से बने घोड़े को देखकर लोग ठिठक जाते हैं। दिल्ली-आगरा रेलवे लाइन और नेशनल हाईवे के ठीक बीच में अकबर के प्रिय घोड़े का यह स्मारक है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) का यह संरक्षित स्मारक है।
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एएसआई के मुताबिक मुगल शहंशाह अकबर ने अपने घोड़े की मृत्यु होने पर उसकी कब्र पर घोड़े की यह मूर्ति लगवाई थी। इसी परिसर में इतबारी खां की मस्जिद के पास एक ही पत्थर को तराशकर बनाई गई मूर्ति के कान और पैर टूटे हुए हैं। इसे प्लेटफार्म पर लगाया गया है। 1922 में रेलवे लाइन के पास यह मूर्ति पड़ी मिली थी। तब इसे वर्तमान जगह पर लगा दिया गया। एक कहानी के मुताबिक बादशाह अकबर ने दिल्ली से आगरा तक अपने घोड़े पर सफर किया था।
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थकान के चलते घोड़े की मौत हो गई और उसे यहीं दफना दिया गया। घोड़े की कब्र वर्तमान जगह न होकर कहीं ओर थी। 99 साल पहले 1922 में इसे वर्तमान जगह लगा दिया गया था। पूर्व में यह घोड़ा अपने पैरों पर खड़ा था।
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