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आगरा कथा-ताल फिरोज खां: शाहजहां के शाही हरम प्रभारी ने बनवाया था विशाल तालाब
Sun, 11 Jul 2021 02:47 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 11 Jul 2021 02:47 PM IST
सार
ग्वालियर रोड पर शहर से पांच किमी दूर लाल पत्थर से शाहजहां के शाही हरम प्रभारी फिरोज खां का मकबरा है, जिसे विशाल तालाब के बीचोंबीच बनवाया गया।
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आगरा कथा-ताल फिरोज खां
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुगलिया दौर में पानी की एक-एक बूंद बचाने के लिए इमारतों को जिस तरह से तैयार किया गया, वह अनूठी मिसाल बन गईं। फतेहपुर सीकरी में पूरी जल प्रणाली इसके लिए तैयार की गई तो अकबर के बाद जहांगीर और शाहजहां काल में भी पानी के लिए कई ताल बनाए गए। इनमें से एक है ताल फिरोज खां।
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ग्वालियर रोड पर शहर से पांच किमी दूर लाल पत्थर से शाहजहां के शाही हरम प्रभारी फिरोज खां का मकबरा है, जिसे विशाल तालाब के बीचोंबीच बनवाया गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की ओर से यह मकबरा संरक्षित है। एएसआई के दस्तावेजों में दर्ज ब्यौरे के मुताबिक फिरोज खां मुगल बादशाह शाहजहां के दरबार का ख्वाजासरा था। वह शाही हरम का प्रभारी था। फिरोज खां को दीवान-ए-कुल के पद पर पदोन्नत किया गया था। वर्ष 1637 में उसकी मृत्यु हो गई थी।
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अष्ठकोणीय इमारत का शानदार गुंबद
ताल फिरोज खां दो मंजिला इमारत है। लाल बलुई पत्थर से तैयार किया गया मकबरा अष्ठकोणीय है और उसके ऊपर गोल गुंबद है। इसकी बाहरी दीवारों पर पच्चीकारी व कार्विंग का सुंदर काम देखने लायक है। हरम प्रभारी फिरोज खां ने अपने जीवन काल में ही इस मकबरे का निर्माण कराना शुरू कर दिया था। उसकी मौत के बाद उसे यहां दफन किया गया। यह स्थान उसकी जागीर था और यहां बने तालाब के पानी का इस्तेमाल सिंचाई में किया जाता था।
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