आगरा: नगर निगम सीमा में शामिल होगा कैलाश महादेव मंदिर, ये गांव भी सूची में
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बीते साल सीमा विस्तार के बाद आगरा नगर निगम तीन और गांवों को निगम सीमा में शामिल करने जा रहा है। इनमें कैलाश महादेव मंदिर को शहरी सीमा में लाना प्रमुख है। इसके अलावा फतेहाबाद रोड पर मायापुर गांव को भी शामिल किए जाने का प्रस्ताव है। आठ फरवरी को दोपहर तीन बजे से होने वाले नगर निगम सदन के 20 वें अधिवेशन में कैलाश महादेव मंदिर समेत तीन गांवों को निगम सीमा में शामिल कराने के प्रस्ताव को पारित किया जाएगा।
अशोक नगर के पार्षद राजेश प्रजापति ने कैलाश महादेव मंदिर को निगम सीमा में लाने के प्रस्ताव को कार्यकारिणी से पास कराया था। अब सदन में इस पर चर्चा की जाएगी। नगर निगम के संपत्ति विभाग ने कैलाश मंदिर पर रिपोर्ट दी है कि कैलाश मंदिर स्वामी मुस्तकिल का हिस्सा है और निगम सीमा से दो किमी दूर है। बांई पुर गांव की सीमा इससे सटी है, इसलिए बांईपुर और स्वामी मुस्तकिल को शहरी सीमा में शामिल करना होगा।
इसके अलावा प्रस्ताव संख्या-चार में फतेहाबाद रोड पर होटल रमाडा और कलाल खेरिया गांव के बीच मायापुर गांव को भी निगम सीमा में शामिल करने का प्रस्ताव दिया गया है। मायापुर गांव के नगर निगम में शामिल होने के बाद फतेहाबाद रोड पर निगम की सीमा बढ़कर रमाडा होटल, इनर रिंग रोड तक हो जाएगी।
दोपहर 12 बजे सदन बुलाने की मांग
नगर निगम सदन का 20 वां अधिवेशन 8 फरवरी को शाम 3 बजे से आयोजित किया जाएगा। हालांकि पार्षद रवि बिहारी माथुर, राकेश जैन आदि ने मेयर नवीन जैन से मांग की है कि सदन में 57 प्रस्ताव रखने के साथ 16 प्रश्न और पूरक प्रस्ताव व कार्यकारिणी की ओर से पास किए गए प्रस्तावों पर चर्चा की जाएगी। शाम को 3 बजे से सदन होने पर इनमें से अधिकांश पर चर्चा मुमकिन नहीं है। बैठक तीन बजे की जगह दोपहर 12 बजे से की जाए।
वाटर एटीएम लगाने के प्रस्ताव समेत 57 प्रस्ताव
एक साल के बाद हो रहे सामान्य सदन में शहर में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर एटीएम लगाने का प्रस्ताव पेश होगा। इसमें प्यूरीफायर प्लांट लगाकर 30 पैसे प्रति लीटर और मोबाइल एटीएम से 50 पैसे प्रति लीटर का पानी उपलब्ध कराया जाएगा। मुंबई की पीरामल सर्वजल ने एटीएम लगाने का प्रस्ताव दिया है।
पार्षदों ने सामान्य सदन के लिए भेजे प्रस्ताव
8 फरवरी को होने वाले अधिवेशन के लिए पार्षदों ने बृहस्पतिवार को प्रस्ताव लगाए। सचिवालय और नगर आयुक्त कार्यालय को भेजे गए प्रस्ताव में ज्यादातर विकास कार्यों से जुड़े हैं। वर्ष 2020 में सभी अधिवेशन विशेष अधिवेशन के तौर पर ही हो पाए। ऐसे में लंबे अंतराल के बाद पार्षद अपने क्षेत्र में विकास कार्य के लिए सदन में प्रस्ताव लगाकर चर्चा करेंगे।