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यूपी: नौ साल बाद कोर्ट में किया समर्पण, इस वजह से मिल गई जमानत; जानें क्या है पूरा प्रकरण
Fri, 09 Oct 2026 10:44 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Fri, 09 Oct 2026 10:44 AM IST
सार
आगरा के फतेहाबाद क्षेत्र में अवैध बालू खनन के दौरान पुलिस टीम की बोलेरो में ट्रक से टक्कर मारकर हत्या की कोशिश के मामले में आरोपी मुनीम उर्फ मुनीश ने नौ साल बाद अदालत में समर्पण किया। जिला जज ने उसकी जमानत अर्जी मंजूर कर रिहाई के आदेश दिए।
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- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
आगरा में हत्या की कोशिश, अवैध खनन, शासकीय कार्य में बाधा और लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम मामले में थाना फतेहाबाद क्षेत्र के गांव वरना निवासी आरोपी मुनीम उर्फ मुनीश ने घटना के नौ वर्ष बाद अदालत में समर्पण किया। उन्होंने अधिवक्ता के माध्यम से जमानत प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया। जिला जज संजय कुमार मलिक ने रिहाई के आदेश दे दिए।
अदालत ने पाया कि घटना में किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। आरोपी से माल बरामदगी भी नहीं हुई। केवल सह अभियुक्तों के बयानों पर आरोपपत्र में मुनीम का नाम शामिल कर दिया गया था। इन तीन प्रमुख वजह के कारण जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई। थाना फतेहाबाद में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन उपनिरीक्षक ब्रजेश कुमार ने 15 अगस्त, 2016 को तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि गांव नया पुरा में उटंगन नदी से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिये अवैध बालू खनन किया जा रहा था।
पुलिस टीम को देख आरोपी भागने लगे। उसी दौरान ट्रक चालक ने पुलिस टीम की बोलेरो में टक्कर मारकर जान से मारने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों को वाहन खेतों में उतारकर जान बचानी पड़ी। पुलिस ने बल प्रयोग कर मौके से धर्मेंद्र, आदम सिंह, दयानंद को हिरासत में लिया। उनके बयान के आधार पर मुनीम का नाम आरोपपत्र में शामिल किया गया, तब से वह भागा हुआ था।
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अदालत ने पाया कि घटना में किसी पुलिसकर्मी को चोट नहीं आई। आरोपी से माल बरामदगी भी नहीं हुई। केवल सह अभियुक्तों के बयानों पर आरोपपत्र में मुनीम का नाम शामिल कर दिया गया था। इन तीन प्रमुख वजह के कारण जमानत अर्जी मंजूर कर ली गई। थाना फतेहाबाद में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, तत्कालीन उपनिरीक्षक ब्रजेश कुमार ने 15 अगस्त, 2016 को तहरीर दी थी। आरोप लगाया कि गांव नया पुरा में उटंगन नदी से ट्रक और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के जरिये अवैध बालू खनन किया जा रहा था।
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पुलिस टीम को देख आरोपी भागने लगे। उसी दौरान ट्रक चालक ने पुलिस टीम की बोलेरो में टक्कर मारकर जान से मारने की कोशिश की। पुलिसकर्मियों को वाहन खेतों में उतारकर जान बचानी पड़ी। पुलिस ने बल प्रयोग कर मौके से धर्मेंद्र, आदम सिंह, दयानंद को हिरासत में लिया। उनके बयान के आधार पर मुनीम का नाम आरोपपत्र में शामिल किया गया, तब से वह भागा हुआ था।
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