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यूपीः सिस्टम से परेशान किसानों ने खून से लिखा अपना दर्द
ब्यूरो/अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 18 Oct 2017 06:50 PM IST
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खून से लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला
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किसानों के प्रति सरकार-प्रशासन की नीतियों के विरोध में आगरा के विकास भवन में आयोजित किसान दिवस में जिले के किसानों ने हंगामा किया। किसान दिवस का बहिष्कार किया। खून से पत्र लिख मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप निदेशक कृषि वीके सचान को सौंपा।
बता दें कि बुधवार को आयोजित किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी एवं कोल्ड स्टोरेज संचालकों की मिलीभगत से किसानों से आलू रखने के लिए मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। नहरों की सफाई कर एक नवंबर से उनमें सिचाई के लिए पानी छोड़ा जाना है, लेकिन अधिकारियों का सुस्त रवैया जारी है।
आरोप लगाया कि नहरों की सफाई को शासन की ओर से आए बजट को अधिकारियों और ठेकेदारों में बांट लिया जाता है। अगले हफ्ते से खरीफ की फसल (आलू, गेंहू, सरसों) की बुआई शुरू होनी है, लेकिन प्रशासन की ओर से नहरों की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही उन्होंने ऋण मोचन योजना में कुछ किसानों को जानबूझकर शामिल न करने का आरोप लगाया।
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बता दें कि बुधवार को आयोजित किसान दिवस में भारतीय किसान यूनियन के तत्वाधान में पहुंचे किसानों ने आरोप लगाया कि अधिकारी एवं कोल्ड स्टोरेज संचालकों की मिलीभगत से किसानों से आलू रखने के लिए मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। नहरों की सफाई कर एक नवंबर से उनमें सिचाई के लिए पानी छोड़ा जाना है, लेकिन अधिकारियों का सुस्त रवैया जारी है।
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आरोप लगाया कि नहरों की सफाई को शासन की ओर से आए बजट को अधिकारियों और ठेकेदारों में बांट लिया जाता है। अगले हफ्ते से खरीफ की फसल (आलू, गेंहू, सरसों) की बुआई शुरू होनी है, लेकिन प्रशासन की ओर से नहरों की सफाई के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है। साथ ही उन्होंने ऋण मोचन योजना में कुछ किसानों को जानबूझकर शामिल न करने का आरोप लगाया।
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इन्होंने लिखा खून ये पत्र
खून से लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष श्याम सिंह चाहर ने इस संदर्भ में खून से पत्र लिखा। किसान दिवस की बैठक को बीच में छोड़कर बहिष्कार किया। उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी गौरव दयाल एवं मुख्य विकास अधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ बैठक में शामिल नहीं हुए।
इसका साफ मतलब है कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति चिंतित नहीं है। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश, वरिष्ठ उद्यायन निरीक्षक, भूमि संरक्षण अधिकारी, सिचाई विभाग के अधिकारियों सहित विद्युत विभाग एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
इसका साफ मतलब है कि जिला प्रशासन किसानों की समस्याओं के प्रति चिंतित नहीं है। इस दौरान जिला कृषि अधिकारी डा. रामप्रवेश, वरिष्ठ उद्यायन निरीक्षक, भूमि संरक्षण अधिकारी, सिचाई विभाग के अधिकारियों सहित विद्युत विभाग एवं अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।