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आगरा: माधव ड्रग हाउस का स्टोर और दो गोदाम सील, दस घंटे खंगाले रिकॉर्ड
Sun, 18 Jul 2021 12:14 AM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:14 AM IST
सार
जांच में तकनीकी विशेषज्ञ की जरूरत महसूस होने पर दोनों गोदाम और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है।
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आगरा में दवा के गोदाम पर छापा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सहायक आयुक्त औषधि ने तीन जिलों के औषधि निरीक्षकों के साथ फव्वारा स्थित माधव ड्रग हाउस का स्टोर और दो गोदाम सील कर दिए हैं। 10 घंटे तक टीम दवाओं की खरीद-बिक्री के बिल खंगालती रही। कंप्यूटर भी सील कर दिए हैं। गोदाम में करीब पांच करोड़ की दवाएं होने की आशंका है। रविवार को तकनीकी विशेषज्ञ के साथ गोदाम खोलकर जांच की जाएगी।
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सहायक आयुक्त औषधि अखिलेश जैन ने बताया कि लखनऊ मुख्यालय से माधव ड्रग हाउस की जांच करने का निर्देश मिला था। इस पर दोपहर करीब 12 बजे फव्वारा स्थित गोगिया मार्केट से इनकी मेडिकल स्टोर से मालिक नवीन अरोड़ा को लेकर गोल्डन प्लाजा स्थित इनके दो गोदामों पर छापा मारा।
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यहां पर एंटीबायोटिक दवा समेत अन्य दवाओं की कहां से खरीद की, कहां से बेची, इनके बिल, फर्मों के नाम समेत तमाम जानकारी की। रात 10 बजे तक कार्रवाई चलती रही। इसके यहां पर कंप्यूटर को भी सील कर दिया है। जांच में तकनीकी विशेषज्ञ की जरूरत महसूस होने पर दोनों गोदाम और मेडिकल स्टोर को सील कर दिया है। तकनीकी विशेषज्ञ की टीम के साथ रविवार को गोदाम और स्टोर खुलवाकर दवाओं के बिल का रिकार्ड निकलवाया जाएगा।
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खुले में रखे थे टिटनेस के 14640 इंजेक्शन, गोदाम में दवाओं का भंडार मानक अनुसार नहीं मिला
माधव ड्रग हाउस में गोदाम का निरीक्षण करने पर भारी अव्यवस्थाएं मिली। दवाओं का भंडारण मानक अनुसार नहीं मिला। यहां पर टिटनेस के खुले में रखे हुए थे। दवाएं भी बिखरी हुई थी। संक्रमित मरीज के इलाज में उपयोग होने वाली एथ्रोमाइसिन समेत आठ दवाओं के नमूने लिए हैं।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि गोदाम में दवाओं का भंडारण सही तरीके से नहीं पाया। यहां टिटनेस के इंजेक्शन के 122 कार्टन मिले, एक कार्टन में 120 इंजेक्शन रखे हुए थे। यह खुले वातावरण में रखे थे, जबकि इसे निश्चित तापमान पर रेफ्रिजरेटर में रखा जाना चाहिए। ऐसा न करने से इंजेक्शन से लोगों में रिएक्शन होने का खतरा रहता है।
गोदाम में एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा भंडार
गोदाम में एंटीबायोटिक दवाओं का भंडार अधिक पाया गया। इंजेक्शन और कोरोना महामारी में गले में खराश होने पर दी जाने वाली दवा एथ्रोमाइसिन भी भारी मात्रा में मिली हैं।
दो जिलों के इंस्पेक्टर के साथ कार्रवाई
सहायक आयुक्त औषधि ने मथुरा के ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद और फिरोजाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार के साथ छापा मारा। आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर को कार्रवाई से दूर रखा। शाम को ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा को बुलाया गया।
गर्भपात किट की कालाबाजारी में भी हो चुकी है जांच
राजस्थान, हरियाणा में गर्भपात किट की कालाबाजारी करने पर माधव ड्रग हाउस और एके इंटरप्राइजेज का नाम आया था। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक की जांच में एके इंटरप्राइजेज का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
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माधव ड्रग हाउस में गोदाम का निरीक्षण करने पर भारी अव्यवस्थाएं मिली। दवाओं का भंडारण मानक अनुसार नहीं मिला। यहां पर टिटनेस के खुले में रखे हुए थे। दवाएं भी बिखरी हुई थी। संक्रमित मरीज के इलाज में उपयोग होने वाली एथ्रोमाइसिन समेत आठ दवाओं के नमूने लिए हैं।
औषधि निरीक्षक राजकुमार शर्मा ने बताया कि गोदाम में दवाओं का भंडारण सही तरीके से नहीं पाया। यहां टिटनेस के इंजेक्शन के 122 कार्टन मिले, एक कार्टन में 120 इंजेक्शन रखे हुए थे। यह खुले वातावरण में रखे थे, जबकि इसे निश्चित तापमान पर रेफ्रिजरेटर में रखा जाना चाहिए। ऐसा न करने से इंजेक्शन से लोगों में रिएक्शन होने का खतरा रहता है।
गोदाम में एंटीबायोटिक दवाओं का ज्यादा भंडार
गोदाम में एंटीबायोटिक दवाओं का भंडार अधिक पाया गया। इंजेक्शन और कोरोना महामारी में गले में खराश होने पर दी जाने वाली दवा एथ्रोमाइसिन भी भारी मात्रा में मिली हैं।
दो जिलों के इंस्पेक्टर के साथ कार्रवाई
सहायक आयुक्त औषधि ने मथुरा के ड्रग इंस्पेक्टर अनिल आनंद और फिरोजाबाद के ड्रग इंस्पेक्टर सुनील कुमार के साथ छापा मारा। आगरा के ड्रग इंस्पेक्टर को कार्रवाई से दूर रखा। शाम को ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा को बुलाया गया।
गर्भपात किट की कालाबाजारी में भी हो चुकी है जांच
राजस्थान, हरियाणा में गर्भपात किट की कालाबाजारी करने पर माधव ड्रग हाउस और एके इंटरप्राइजेज का नाम आया था। औषधि निरीक्षक नरेश मोहन दीपक की जांच में एके इंटरप्राइजेज का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
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