फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra District Administration Red Alert For Black Fungus

आगरा: प्रशासन ने जारी किया ब्लैक फंगस का अलर्ट, चार संदिग्ध मरीज मिले, इलाज और जांच की गाइडलाइन जारी

Fri, 21 May 2021 12:19 AM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा Published by: Abhishek Saxena Updated Fri, 21 May 2021 12:19 AM IST
सार

24 घंटे में दो नए समेत कुल चार संदिग्ध मरीज मिले हैं। जिनमें एक कोरोना संक्रमित है। इन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

विज्ञापन
Agra District Administration Red Alert For Black Fungus
ब्लैक फंगस (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला प्रशासन और कोविड टास्क फोर्स ने ताजनगरी में ब्लैक फंगस बीमारी को लेकर गुरुवार को रेड अलर्ट जारी किया है। 24 घंटे में दो नए समेत कुल चार संदिग्ध मरीज मिले हैं। जिनमें एक कोरोना संक्रमित है। इन्हें एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। तीन मरीजों में पुष्टि के लिए बायोप्सी एवं फंगस कल्चर नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। जिनकी रिपोर्ट शुक्रवार तक आ सकती है।

विज्ञापन


गुरुवार को जिलाधिकारी प्रभु एन सिंह और ब्लैक फंगस नोडल अधिकारी डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बचाव, उपचार और जांच को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एसएन मेडिकल कॉलेज में नाक, कान, गला विभाग के सह आचार्य डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि चार संदिग्ध एसएन में भर्ती हुए हैं।
विज्ञापन


जिनमें दो संदिग्ध गुरुवार को आए। इनमें एक कोरोना संक्रमित है। बाकी तीनों में ब्लैक फंगस की पुष्टि के लिए बायोप्सी एवं फंगस कल्चर टेस्ट के लिए सैंपल भेजे हैं। उन्होंने बताया कि एसएन में ब्लैक फंगस मरीजों को भर्ती करने के लिए आठ बेड का स्पेशल वार्ड मेडिसिन विभाग में बनाया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

एसएन में होंगी जांच व ऑपरेशन
जिलाधिकारी ने बताया कि ब्लैक फंगस मरीजों के उपचार के लिए 60 इंजेक्शन की वायल एसएन मेडिकल कॉलेज को मिल गई हैं। ऐसे मरीजों की जांच, दवाईयां व ऑपरेशन एसएन में ही होंगे। संदिग्ध मरीज को सबसे पहले इमरजेंसी में भर्ती होना पड़ेगा वहां से वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा।

मधुमेह रोगियों को ज्यादा खतरा
डॉ. अखिल प्रताप सिंह ने बताया कि मधुमेह रोगियों में ब्लैक फंगस का खतरा अधिक है। बिना चिकित्सक की सलाह मधुमेह रोगियों को स्टेरायड्स दवाएं नहीं खानी हैं। कीमोथेरेपी व ऐसे मरीज जिनकी प्रतिरोधक क्षमता कम है वे जल्दी इस फंगस की चपेट में आ सकते हैं।

ये हैं लक्षण
- आंख, होठ, चेहरे पर सूजन।
- नाक में पपड़ी जमना, खून आना।
- सिर दर्द होना, चक्कर-उल्टी आना।
- चेहरे पर भारीपन, सांस की दिक्कत।

जानलेवा है ऑपरेशन
शरीर के जिस हिस्से में ब्लैक फंगस हो जाता है उस पूरे हिस्से को ऑपरेशन के द्वारा काट कर अलग किया जाता है। ऐसे में ये ऑपरेशन जानलेवा एवं कष्टदायक होते हैं। डॉ. अखिल प्रताप के मुताबिक अगर आंख में ब्लैक फंगस है तो उस पूरी आंख को निकालना पड़ता है। प्राणघातक सर्जरी में मरीजों की जान तक जा सकती है।

ये होता है ब्लैक फंगस
ब्लैक फंगस एक फफूदी है। जो शरीर के अंदरूनी अंगों एवं बाहरी अंगों में हो सकती है। इसके होने का कारण गंदगी है। मरीज का तकिया, रजाई-गद्दे, कपड़े से भी हो सकती है। दूषित पानी व साफ-सफाई नहीं होने से भी ब्लैक फंगस हो सकता है।

दवाओं के दुष्प्रभाव अधिक
ब्लैक फंगस में उपचार के लिए एंटी फंगल दवाईयां, इंजेक्शन इस्तेमाल होते हैं। डॉ. अखिल प्रताप के मुताबिक एंटी फंगल दवाएं बेहद टॉक्सिक होने के कारण गुर्दें व हृदय पर इनका दुष्प्रभाव अधिक पड़ता है। ऐसे में दवाएं विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में ही दी जाती हैं।
मैनपुरी में अमानवीयता: मोबाइल चोरी के शक में युवक की पेड़ से बांधकर पिटाई, रहम की भीख मांगता रहा, लोग वीडियो बनाते रहे
हैवानियत: पति ने गर्भवती पत्नी की हथौड़ा मारकर की हत्या, गुप्तांग पर किए थे प्रहार, आरोपी फरार

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed