फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   Agra Development Authority reduced price and announced properties but properties could not be sold

आगरा विकास प्राधिकरण: कीमत घटाई... मुनादी कराई, फूंक दिए लाखों रुपये; फिर भी नहीं बिक पाईं संपत्तियां

Wed, 10 Apr 2024 05:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 10 Apr 2024 05:35 PM IST
सार

शास्त्रीपुरम हाइट्स योजना फेल। तीन साल में 556 में से सिर्फ 42 फ्लैट बिके। 2012 में निर्माण शुरू हुआ था। छह साल से एडीए के 150 करोड़ रुपये फंसे है। 

विज्ञापन
Agra Development Authority reduced price and announced properties but properties could not be sold
शास्त्रीपुरम हाइट्स योजना के फ्लैट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के आगरा में आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) की फेल योजना शास्त्रीपुरम हाइट्स पर 'ज्यों-ज्यों किया इलाज, मर्ज बढ़ता गया' ये कहावत चरितार्थ हो रही है। इसमें 556 फ्लैट हैं। इन्हें बेचने के लिए एडीए तीन साल से पापड़ बेल रहा है। पहले कीमत घटाई, फिर मुनादी कराई। दिल्ली, जयपुर से इंदौर तक पर्चे बंटवाए। प्रचार पर लाखों रुपये फूंक दिए, लेकिन संपत्तियां नहीं बिक पाईं।

विज्ञापन


शास्त्रीपुरम हाईट्स योजना का 2012 में निर्माण शुरू हुआ। 2018 में निर्माण पूर्ण हुआ तो बिक्री शुरू करने में तीन साल निकल गए। 2021 में बिक्री शुरू की गई तो तीन साल में 556 में सिर्फ 42 फ्लैट बिके। इस प्रोजेक्ट पर एडीए ने करीब 100 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए थे। 556 फ्लैट की कीमत करीब 170 करोड़ रुपये है। इनमें 514 नहीं बिके।
विज्ञापन


करीब 150 करोड़ रुपये फंसे पड़े हैं। जानकारों का कहना है कि शास्त्रीपुरम हाइट्स का हश्र भी कहीं एडीए हाइट्स जैसा न हो जाए। ताजनगरी फेस-2 में एडीए हाइट्स योजना में 14 साल बाद भी 300 से अधिक फ्लैट खाली पड़े हैं। बिना बिके फ्लैट जर्जर हो गए। मरम्मत पर 20 करोड़ से अधिक एडीए खर्च कर चुका है।

विज्ञापन
विज्ञापन

बिक्री के लिए हुए ये उपाय

  • 17 नवंबर 2021 से 1 जून 2022 तक छह बार फ्लैट बिक्री के लिए पंजीकरण खोले गए।
  • 19 दिसंबर 22 से 16 जनवरी 2023 तक बिक्री के लिए विज्ञापन, होर्डिंग व शिविर लगाए।
  • दिल्ली, जयपुर, लखनऊ व इंदौर व आगरा शहर में 40 हजार से अधिक पर्चे बांटे गए।
  • साइट पर दो दिवसीय क्रिसमस मेला, ऋण सुविधा शिविर व हेल्पलाइन नंबर जारी किए।
  • कॉल सेंटर के माध्यम से 1500 लोगों से संपर्क किया, रेडियो व अन्य माध्यमों से प्रचार।
  • 20 से 29 दिसंबर 2022 तक फ्लैट बिक्री के लिए विभिन्न क्षेत्रों में एडीए ने मुनादी कराई।
  • वर्ष 2021 में 4223 रुपये प्रति वर्ग फीट थीं, जिन्हें 2022-23 में घटाकर 2617 रुपये किया।

 

संपत्तियां नहीं बिकने के प्रमुख कारण

  • आगरा विकास प्राधिकरण के निर्माण की गुणवत्ता खराब है।
  • निजी बिल्डरों की तुलना में एडीए की संपत्तियां महंगी हैं।
  • आवासीय योजनाओं से मुनाफा कमाने की कोशिश होती है।
  • संपत्ति खरीद के बाद एडीए में आवंटियों की सुनवाई नहीं है।
  • एडीए अधिकारियों व कर्मियों का खरीदारों के प्रति व्यवहार।

(नोट: जैसा कि पूर्व आवंटियों ने बताया)

एजेंसी से कराएंगे बिक्री

शास्त्रीपुरम हाइट्स की जो संपत्तियां नहीं बिक सकी हैं, उनके लिए एजेंसी हायर की जाएगी। यह निर्णय हो चुका है। - रितु माहेश्वरी, मंडलायुक्त एवं अध्यक्ष, आगरा विकास प्राधिकरण

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed