आगरा: कागजों में तालाबों का संरक्षण, मौके पर न कब्जे हटे, न सफाई की गई
आगरा में तालाबों का संरक्षण कागजों में हो रहा है। न कब्जे हटे न सफाई की गई। मुकदमों की पैरवी से लेकर जुर्माना वसूली तक ठप है। कोरोना की आड़ में प्रशासन कार्रवाई से बच रहा है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा जिले में गांवों में तालाबों पर कहीं पक्के मकान बन गए, तो कहीं पंचायत व धर्मशालाएं बना दी गईं। शहर में तालाबों पर धर्मस्थल खड़े हो गए तो कहीं सड़क निकल गई। जबकि सितंबर 2020 में हाईकोर्ट वर्ष 1952 की पुरानी स्थिति बहाली के आदेश कर चुका है, 10 महीने से तालाबों को कब्जा मुक्त कराने के नाम पर कागजी आंकड़ेबाजी के ‘खेल’ चल रहा है।
जिले में 3747 तालाब हैं। राजस्व रिकॉर्ड में जिनका रकबा 867.63 हेक्टेयर है। जिनमें 139 तालाबों पर पक्के निर्माण व स्थायी कब्जे हो गए हैं। सितंबर 2020 में हाईकोर्ट ने जनहित याचिका 1774/2019 में मुख्य सचिव व डीएम आगरा को तालाबों को फसली 1952 स्वरूप में लौटाने के आदेश दिए हैं।
डीएम प्रभु एन सिंह ने एडीएम वित्त की अध्यक्षता में तालाबों का पुराना स्वरूप लौटाने के लिए कमेटी बनाई, लेकिन पिछले सात महीने से कमेटी ने बैठक तक नहीं की।
एडीएम वित्त योगेंद्र कुमार का कहना है कि कोरोना के कारण कार्रवाई पर रोक है। सात तालाबों से कब्जे हटाए गए हैं, परंतु जमीनी हकीकत जुदा है। वहीं याचिकाकर्ता अधिवक्ता सुरेश चंद सोनी का आरोप है कि तालाबों पर हुए कब्जों में तहसील प्रशासन की मिलीभगत है। इसलिए जिला प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा।
354 के खिलाफ मुकदमे
जिले में 139 तालाबों का रकबा 21.37 हेक्टेयर है। सदर, बाह, किरावली व एत्मादपुर समेत छह तहसीलों में 139 तालाबों पर 353 कब्जेदारों के विरुद्ध बेदलखली के मुकदमे तहसीलों में विचाराधीन हैं।
नगर में 13 पर कब्जे
नगर निगम क्षेत्र में 40 तालाब हैं। जिनमें 13 पर अवैध कब्जे हैं। 11 जून को नगर आयुक्त ने जोनल अधीक्षकों को तालाबों से कब्जे हटाकर उन्हें संरक्षित करने के आदेश दिए थे। करीब एक महीने बाद भी न कब्जे हटे, न तालाबों की सफाई हो सकी।
निगम बनाएगा मॉडल तालाब
नगर निगम शहरी क्षेत्र में तालाबों की सफाई कराएगा। नगर आयुक्त निखिल टी फुंडे ने चारों जोनल अधिकारियों के साथ बैठक में निर्देश दिए कि हर जोन में एक मॉडल तालाब विकसित किया जाए।
अफसरों की लापरवाही
याचिकाकर्ता सुरेश चंद सोनी ने कहा कि तालाब, पोखर, झील व अन्य जलाशयों पर अफसरों की लापरवाही से कब्जे हो रहे हैं। जनहित याचिका को लेकर कोर्ट में पुन: प्रार्थनापत्र देकर कठोर कार्रवाई का अनुरोध करेंगे।
कोरोना के कारण कार्य प्रभावित
एडीएम वित्त एवं राजस्व योगेंद्र कुमार ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के कारण कार्य प्रभावित हुआ है। सात तालाबों से कब्जे हट चुके हैं। मुकदमों में पैरवी व बेदखली प्रक्रिया में तेजी लाएंगे। सभी एसडीएम से रिपोर्ट मांगी है।