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बीएसए दफ्तर में अग्निकांडः एडीजी ने दिए निर्देश, अब जांच करेगी यह टीम
Fri, 11 Oct 2019 12:39 PM IST
Abhishek Saxena
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
Published by: Abhishek Saxena
Updated Fri, 11 Oct 2019 12:39 PM IST
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बीएसए कार्यालय
- फोटो : अमर उजाला
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बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कमरे में आग लगाए जाने की घटना की जांच करने के लिए पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिेशन टीम (एसआईटी ) का गठन किया जाएगा।
इसके लिए एडीजी जोन अजय आनंद ने एसएसपी बबलू कुमार को निर्देश दिए हैं। एसएसपी का कहना है कि दो दिन में ही जांच के लिए टीम बना दी जाएगी। इस मामले में थाना शाहगंज में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बीएसए दफ्तर की चाबी रखने वाले लिपिक और चौकीदार से आधा घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उनसे आग लगने के कारण के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल सकी। दोनों का यही जवाब था, हमें कुछ नहीं पता। चौकीदार बोला कि उसने किसी को आते जाते नहीं देखा। लिपिक का कहना था कि चाबी उसी के पास है।
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इसके लिए एडीजी जोन अजय आनंद ने एसएसपी बबलू कुमार को निर्देश दिए हैं। एसएसपी का कहना है कि दो दिन में ही जांच के लिए टीम बना दी जाएगी। इस मामले में थाना शाहगंज में अज्ञात में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बीएसए दफ्तर की चाबी रखने वाले लिपिक और चौकीदार से आधा घंटे तक पूछताछ की, लेकिन उनसे आग लगने के कारण के बारे में कुछ भी जानकारी नहीं मिल सकी। दोनों का यही जवाब था, हमें कुछ नहीं पता। चौकीदार बोला कि उसने किसी को आते जाते नहीं देखा। लिपिक का कहना था कि चाबी उसी के पास है।
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एडीजी ने बताया कि एसआईटी मालूम करेगी कि आग लगाने की साजिश किसने और क्यों रची? जिस कमरे में आग लगी, उसमें शिक्षकों की जांच वाली फाइलें बताई गई हैं। उधर, अग्निश्मन विभाग भी इस मामले में जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है। बीएसए ने केस दर्ज कराया है। विभागीय जांच भी चल रही है।
जिले में 271 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी बीएड की डिग्री फर्जी है। इनके खिलाफ जांच हो चुकी है। एसआईटी की रिपोर्ट बीएसए को सात महीने पहले दे दी गई थी। इसी तरह की रिपोर्ट पर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में फर्जी अंक पत्र पाले शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं।
कई जगह तो उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराए गए हैं। उन्हें दिए जा चुके वेतन की रिकवरी भी कराई जानी है। आगरा में यह प्रक्रिया एक तो देरी से शुरू हुई। दूसरा, नोटिस जारी करने में बहुत ढिलाई बरती गई।
जिले में 271 शिक्षक ऐसे हैं जिनकी बीएड की डिग्री फर्जी है। इनके खिलाफ जांच हो चुकी है। एसआईटी की रिपोर्ट बीएसए को सात महीने पहले दे दी गई थी। इसी तरह की रिपोर्ट पर प्रदेश के 40 से अधिक जिलों में फर्जी अंक पत्र पाले शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं।
कई जगह तो उनके खिलाफ केस भी दर्ज कराए गए हैं। उन्हें दिए जा चुके वेतन की रिकवरी भी कराई जानी है। आगरा में यह प्रक्रिया एक तो देरी से शुरू हुई। दूसरा, नोटिस जारी करने में बहुत ढिलाई बरती गई।
नतीजा यह हुआ कि एक भी शिक्षक बर्खास्त नहीं किया जा सका। इन्हें दो नोटिस जारी किए जा चुके थे। अब अंतिम की बारी थी। इससे पहले ही उस कमरे में आग लग गई जिसमें इस प्रकरण की फाइलें थीं। इसमें शिक्षकों के मूल रिकार्ड भी थे। कुल 1500 फाइलें जली हैं।