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एडीए और किसानों के बीच नहीं बनी बात, आंदोलन की चेतावनी
ब्यूरो, अमर उजाला
Updated Tue, 10 Feb 2015 02:17 AM IST
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फुल स्पीड से चले इनर रिंग रोड के निर्माण कार्य में रविवार को एचटी लाइन पर चढ़े युवक ने ऐसा खलल डाला कि तमाम किसानों ने अब आगरा विकास प्राधिकरण (एडीए) के खिलाफ खड़े होने की चेतावनी दे डाली है। मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल इनर रिंग रोड के लिए करार कराने वाले महुआ खेड़ा के तमाम किसान जमीन के बदले जमीन या चार गुना मुआवजे की मांग करने लगे हैं। इसको लेकर किसानों और एडीए अधिकारियों के बीच हुई बैठक बेनतीजा रही है।
महुआ खेड़ा के दर्जनों की संख्या में किसान सोमवार को एडीए कार्यालय पहुंचे और अपनी मांग दोहराई। एडीए सचिव कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। उनका कहना था कि अब पुराना करार मंजूर नहीं। इसे लेकर अफसरों और किसानों के बीच तीखी बहस हो गई। किसान मुख्यमंत्री तक मामले की शिकायत की बात कह कर बैठक छोड़कर चले गए। बता दें कि इनर रिंग रोड के लिए वर्ष 2013 में एडीए ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। कुछ किसानों ने अपनी जमीन नहीं दी थी। एडीए ने ऐसे किसानों के सामने प्रस्ताव रखा कि उन्हें जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। इसके तहत कुछेक को जमीन उपलब्ध करा दी गई। इसकी जानकारी पर महुआ खेड़ा के किसान भड़क गए हैं।
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महुआ खेड़ा के दर्जनों की संख्या में किसान सोमवार को एडीए कार्यालय पहुंचे और अपनी मांग दोहराई। एडीए सचिव कैप्टन प्रभांशु श्रीवास्तव ने किसानों को समझाने की कोशिश की लेकिन किसान नहीं माने। उनका कहना था कि अब पुराना करार मंजूर नहीं। इसे लेकर अफसरों और किसानों के बीच तीखी बहस हो गई। किसान मुख्यमंत्री तक मामले की शिकायत की बात कह कर बैठक छोड़कर चले गए। बता दें कि इनर रिंग रोड के लिए वर्ष 2013 में एडीए ने किसानों की जमीन का अधिग्रहण कर लिया था। कुछ किसानों ने अपनी जमीन नहीं दी थी। एडीए ने ऐसे किसानों के सामने प्रस्ताव रखा कि उन्हें जमीन के बदले जमीन दी जाएगी। इसके तहत कुछेक को जमीन उपलब्ध करा दी गई। इसकी जानकारी पर महुआ खेड़ा के किसान भड़क गए हैं।
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