{"_id":"5f493d3f8ebc3e3d233dc3cf","slug":"action-mainpuri-news-agr456711821","type":"story","status":"publish","title_hn":"आखिर एक सचिव को कैसे दे दीं 27 पंचायतें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आखिर एक सचिव को कैसे दे दीं 27 पंचायतें
विज्ञापन
मैनपुरी। विकास खंड बरनाहल की 27 पंचायतों में 2.26 करोड़ का घोटाला सामने आने के बाद दोषी पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया है। इसके बाद मामले की फाइल बंद हो गई है। ऐसे में वे लोग बच गए, जिन्होंने नियम विरुद्ध एक सचिव को इतनी ग्राम पंचायतें दे दीं।
वर्ष 2017 में बरनाहल में तैनात रहे पंचायत सचिव रतन सिंह के खिलाफ तकनीकी एवं लेखा परीक्षा समिति ने जांच की थी। जांच में पता चला कि अपनी तैनाती की 27 ग्राम पंचायतों में सचिव द्वारा 2.26 करोड़ का गबन किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने दोषी सचिव को निलंबित कर दिया।
वहीं प्रधानों को भी नोटिस जारी किया गया है लेकिन इसमें वे लोग भी दोषी हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर 27 पंचायतों का चार्ज एक ही सचिव को दे दिया। बरनाहल विकास खंड की अगर बात करें तो यहां कुल 61 पंचायतें हैं। इसमें से 27 पंचायतें केवल एक सचिव को दी गई थीं। इससे साफ है कि नियमों को तोड़कर ऐसा किया गया था। इस फर्जीवाड़े में वे भी कहीं न कहीं दोषी हैं।
विज्ञापन
ऐसे दी जाती हैं पंचायतें
ग्राम पंचायतों का आवंटन पंचायत सचिवों को तीन अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद किया जाता है। सबसे पहले जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाता है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संस्तुति कर जिलाधिकारी को फाइल भेजी जाती है। जिलाधिकारी द्वारा ही आवंटन पर अंतिम मुहर लगाई जाती है।
मामला तीन वर्ष पुराना है। 27 ग्राम पंचायतों का आवंटन एक ही सचिव को कैसे कर दिया गया, इस बारे में जानकारी की जाएगी। जो भी नियमानुसार सही होगा किया जाएगा।
ईशा प्रिया, सीडीओ।
विज्ञापन
वर्ष 2017 में बरनाहल में तैनात रहे पंचायत सचिव रतन सिंह के खिलाफ तकनीकी एवं लेखा परीक्षा समिति ने जांच की थी। जांच में पता चला कि अपनी तैनाती की 27 ग्राम पंचायतों में सचिव द्वारा 2.26 करोड़ का गबन किया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी स्वामीदीन ने दोषी सचिव को निलंबित कर दिया।
विज्ञापन
वहीं प्रधानों को भी नोटिस जारी किया गया है लेकिन इसमें वे लोग भी दोषी हैं, जिन्होंने नियमों को ताक पर रखकर 27 पंचायतों का चार्ज एक ही सचिव को दे दिया। बरनाहल विकास खंड की अगर बात करें तो यहां कुल 61 पंचायतें हैं। इसमें से 27 पंचायतें केवल एक सचिव को दी गई थीं। इससे साफ है कि नियमों को तोड़कर ऐसा किया गया था। इस फर्जीवाड़े में वे भी कहीं न कहीं दोषी हैं।
विज्ञापन
ऐसे दी जाती हैं पंचायतें
ग्राम पंचायतों का आवंटन पंचायत सचिवों को तीन अधिकारियों के हस्ताक्षर के बाद किया जाता है। सबसे पहले जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा प्रस्ताव तैयार किया जाता है। इस पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा संस्तुति कर जिलाधिकारी को फाइल भेजी जाती है। जिलाधिकारी द्वारा ही आवंटन पर अंतिम मुहर लगाई जाती है।
मामला तीन वर्ष पुराना है। 27 ग्राम पंचायतों का आवंटन एक ही सचिव को कैसे कर दिया गया, इस बारे में जानकारी की जाएगी। जो भी नियमानुसार सही होगा किया जाएगा।
ईशा प्रिया, सीडीओ।