{"_id":"667f10e9f49312e1190b0f57","slug":"accused-of-cheating-in-the-name-of-job-did-not-get-bail-kasganj-news-c-175-1-sagr1032-117224-2024-06-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपी को नहीं मिली जमानत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Agra News: नौकरी के नाम पर ठगी के आरोपी को नहीं मिली जमानत
Sat, 29 Jun 2024 01:07 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Updated Sat, 29 Jun 2024 01:07 AM IST
विज्ञापन
कासगंज। प्रभारी जिला सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने नौकरी के नाम पर ठगी किए जाने के मामले में कारागार में निरुद्ध आरोपी को जमानत नहीं दी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया।
क्षेत्र के सहावर गेट निवासी लक्ष्मण ने दंड प्रक्रिया संहिता की संबंधित धारा के तहत न्यायालय के आदेश से कोतवाली में 22 फरवरी 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने एक विद्यालय के प्रबंधक विष्णु कुमार पर अजय, रवीश व पीयूषकांत की सलाह से 20 जून 2016 को फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर उससे व अन्य लोगों से एक-एक लाख रुपये विद्यालय में नौकरी लगवाने के नाम लिए जाने का आरोप लगाया।
इस मामले में आरोपी 19 दिसंबर 2018 से जेल में निरुद्ध है, आरोपी विष्णु कुमार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र जमानत का जिला शासकीय अधिवक्ता ने विरोध किया। प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत प्रभारी जिला सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी का प्रार्थना पत्र जमानत निरस्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के सहावर गेट निवासी लक्ष्मण ने दंड प्रक्रिया संहिता की संबंधित धारा के तहत न्यायालय के आदेश से कोतवाली में 22 फरवरी 2018 को मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने एक विद्यालय के प्रबंधक विष्णु कुमार पर अजय, रवीश व पीयूषकांत की सलाह से 20 जून 2016 को फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर उससे व अन्य लोगों से एक-एक लाख रुपये विद्यालय में नौकरी लगवाने के नाम लिए जाने का आरोप लगाया।
विज्ञापन
इस मामले में आरोपी 19 दिसंबर 2018 से जेल में निरुद्ध है, आरोपी विष्णु कुमार ने अपने अधिवक्ता के माध्यम न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। प्रार्थना पत्र जमानत का जिला शासकीय अधिवक्ता ने विरोध किया। प्रकरण में दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत प्रभारी जिला सत्र न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर आरोपी का प्रार्थना पत्र जमानत निरस्त कर दिया।
विज्ञापन