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घूसखोर लेखाकार: हर फाइल पर 10 फीसदी की घूस, मृत शिक्षक के बेटे से ग्रेच्युटी भुगतान को मांगी थी रकम

Sat, 15 Apr 2023 12:20 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Sat, 15 Apr 2023 12:20 PM IST
सार

अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन विभाग के लेखाकार के रिश्वत लेते हुआ रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। अब मामले में जांच भी चल रही है, जिसमें पता चला है कि लेखाकार ग्रेच्युटी की हर फाइल पर 10 फीसदी घूस लेता था। 

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Accountant used to take 10 percent bribe on every file arrested By Anti Corruption Team In Agra
लेखाकार उमेश कुमार रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन विभाग का लेखाकार उमेश कुमार हर फाइल पर 10 फीसदी घूस लेता था। घूस नहीं देने वाले की फाइल आगे नहीं बढ़ती थी। वह आपत्ति लगाकर संबंधित विभाग में भेज देता था। इससे आवेदक भटकने को मजबूर हो जाते थे। मगर, इस बार पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निवारण संगठन ने उसे 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। शुक्रवार को मेरठ कोर्ट ने आरोपी को जेल भेजा।
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ये है आरोप

लेखाकार उमेश कुमार पर आरोप है कि उसने हाथरस के पत्थर वाली रोड इगलास अड्डा निवासी जुबैर हुसैन से 20 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी। जुबैर के पिता नईमुद्दीन शिक्षक थे। नईमुद्दीन जून 2018 में दिवंगत हुए थे। परिवार को ग्रेच्युटी के 20 लाख रुपये मिलने थे। फाइल अपर निदेशक कोषागार एवं पेंशन विभाग में लंबित थी। उमेश कुमार पर ग्रेच्युटी के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप है। जुबैर ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत की थी। इस पर जांच की गई।
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बिना रिश्वत के नहीं करता था काम

इसमें पता चला कि उमेश की छवि ठीक नहीं है। वह बगैर रिश्वत के काम नहीं करता है। उसने 20 लाख के हिसाब से जुबैर से दो लाख रुपये मांगे थे। रकम नहीं देने पर आपत्ति लगाकर संबंधित विभाग में भेज दी थी। जुबैर के मिन्नत करने पर 20 हजार पर आ गया था। फाइल वापस मंगा ली थी। उसने कहा था कि वह खुद या किसी चपरासी के माध्यम से रकम लेगा। यह पैसा अधिकारियों तक पहुंचता है। जांच में शिकायत सही निकली। इस पर उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछाया गया। मामले में थाना रकाबगंज में केस दर्ज कराया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार का कहना है कि आरोपी को मेरठ की एंटी करप्शन कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

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