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कीरतपुर बस हादसे की जांच रिपोर्ट सीडीओ ने सौंपी
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मैनपुरी। करीब डेढ़ साल पहले दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर में हुई बस दुर्घटना की जांच पूरी हो गई है। सीडीओ की जांच में चालक द्वारा लापरवाही से बस चलाने का मामला सामने आया है। जांच के बाद उन्होंने अपनी रिपोर्ट कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को सौंप दी है।
डेढ़ साल पहले 13 जून 2018 को दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर में जयपुर से फर्रुखाबाद जा रही मान ट्रेवल्स की बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। इस दुर्घटना में 17 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। मामले में थाना दन्नाहार में एक यात्री ने चालक महेंद्र पाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी तालिया फजल इमाम जिला फर्रुखाबाद के साथ-साथ बस मालिक प्रीती चतुर्वेदी पत्नी विमल चतुर्वेदी के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई थी लेकिन डेढ़ साल तक जांच ठंडे बस्ते में पड़ी रही। लेकिन हाल ही में कन्नौज में हुए बस हादसे के बाद वर्तमान मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच रिपोर्ट में उन्होंने चालक को ही दुर्घटना के लिए दोषी ठहराया है। जांच में उन्हें बस मालिक की संलिप्तता का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
किसी ने दर्ज नहीं कराए बयान
जांच के लिए सीडीओ नगेंद्र शर्मा ने दो बार बयान दर्ज कराने की अपील की। इसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पत्र भी जारी किया। करीब 15 दिन के इंतजार के बाद भी कोई भी व्यक्ति बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा। पूर्व में घटना के बाद तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी वीके गुप्ता ने भी बयान दर्ज कराने की अपील की थी, लेकिन तब भी कोई बयान दर्ज नहीं हो सके थे।
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पुलिस और एआरटीओ की रिपोर्ट में भी क्लीनचिट
कीरतपुर में हुई बस दुर्घटना में दन्नाहार पुलिस के साथ-साथ एआरटीओ राजेश कर्दम ने भी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। पुलिस रिपोर्ट में भी जहां चालक को दोषी बताया गया है तो वहीं एआरटीओ की रिपोर्ट में भी बस के परमिट, बीमा व अन्य सभी अभिलेख सही बताए गए हैं। इन बिंदुओं को भी मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है।
मामला मेरी तैनाती से पूर्व का था। लेकिन जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई थी, इसलिए मामला संज्ञान में आने के बाद मेरे द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। जांच में चालक की ही लापरवाही का मामला सामने आया है। बस मालिक पर कोई आरोप साबित नहीं हो सकते हैं।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।
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डेढ़ साल पहले 13 जून 2018 को दन्नाहार थाना क्षेत्र के गांव कीरतपुर में जयपुर से फर्रुखाबाद जा रही मान ट्रेवल्स की बस डिवाइडर से टकराकर पलट गई थी। इस दुर्घटना में 17 यात्रियों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई थी। मामले में थाना दन्नाहार में एक यात्री ने चालक महेंद्र पाल पुत्र ओमप्रकाश निवासी तालिया फजल इमाम जिला फर्रुखाबाद के साथ-साथ बस मालिक प्रीती चतुर्वेदी पत्नी विमल चतुर्वेदी के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। वहीं मजिस्ट्रेटी जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई थी लेकिन डेढ़ साल तक जांच ठंडे बस्ते में पड़ी रही। लेकिन हाल ही में कन्नौज में हुए बस हादसे के बाद वर्तमान मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने मामले की जांच शुरू की थी। जांच रिपोर्ट में उन्होंने चालक को ही दुर्घटना के लिए दोषी ठहराया है। जांच में उन्हें बस मालिक की संलिप्तता का कोई पुख्ता प्रमाण नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को अपनी रिपोर्ट भेज दी है।
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किसी ने दर्ज नहीं कराए बयान
जांच के लिए सीडीओ नगेंद्र शर्मा ने दो बार बयान दर्ज कराने की अपील की। इसके लिए उन्होंने सार्वजनिक रूप से पत्र भी जारी किया। करीब 15 दिन के इंतजार के बाद भी कोई भी व्यक्ति बयान दर्ज कराने के लिए नहीं पहुंचा। पूर्व में घटना के बाद तत्कालीन मुख्य विकास अधिकारी वीके गुप्ता ने भी बयान दर्ज कराने की अपील की थी, लेकिन तब भी कोई बयान दर्ज नहीं हो सके थे।
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पुलिस और एआरटीओ की रिपोर्ट में भी क्लीनचिट
कीरतपुर में हुई बस दुर्घटना में दन्नाहार पुलिस के साथ-साथ एआरटीओ राजेश कर्दम ने भी जांच रिपोर्ट सौंपी थी। पुलिस रिपोर्ट में भी जहां चालक को दोषी बताया गया है तो वहीं एआरटीओ की रिपोर्ट में भी बस के परमिट, बीमा व अन्य सभी अभिलेख सही बताए गए हैं। इन बिंदुओं को भी मुख्य विकास अधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल किया है।
मामला मेरी तैनाती से पूर्व का था। लेकिन जांच मुख्य विकास अधिकारी को सौंपी गई थी, इसलिए मामला संज्ञान में आने के बाद मेरे द्वारा जांच पूरी कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी गई है। जांच में चालक की ही लापरवाही का मामला सामने आया है। बस मालिक पर कोई आरोप साबित नहीं हो सकते हैं।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।