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मुसीबत में महिलाओं की मदद के लिए एप तैयार, ऐसे करेगा हेल्प
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
Updated Wed, 20 Jun 2018 11:32 AM IST
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MOBILE APP
आगरा में आरबीएस इंजीनियरिंग एंड टेक्निकल कैंपस, बिचपुरी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के छात्र-छात्राओं ने महिला सुरक्षा के लिए निर्भया एप बनाया है।
एप की मदद से महिलाओं के साथ हो रही अभद्रता, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यह प्रोजेक्ट एंड्राइड मोबाइल अप्लीकेशन पर आधारित है।
जो जीपीएस के माध्यम से रूट डिवाइस को ढूंढकर उपयोगकर्ता की सहायता करता है। मोबाइल फोन को निर्धारित तरीके से हिलाने पर एप खुद एक्टिव हो जाता है। जीपीएस लोकेशन की खोज करता है।
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एप की मदद से महिलाओं के साथ हो रही अभद्रता, छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यह प्रोजेक्ट एंड्राइड मोबाइल अप्लीकेशन पर आधारित है।
जो जीपीएस के माध्यम से रूट डिवाइस को ढूंढकर उपयोगकर्ता की सहायता करता है। मोबाइल फोन को निर्धारित तरीके से हिलाने पर एप खुद एक्टिव हो जाता है। जीपीएस लोकेशन की खोज करता है।
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बेस ट्रांस रिसीवर स्टेशन के माध्यम से मैसेज रजिस्टर्ड मोबाइल पर भेजता है। उपयोगकर्ता की लोकेशन एप में डाले गए किसी भी तीन मोबाइल नंबर पर मैसेज के रूप में पहुंचता है।
मैसेज प्राप्त करने वाले उस उपयोगकर्ता के पास पहुंच सकते हैं। यदि उपयोगकर्ता किसी परेशानी में है तो उसे बचा भी सकते हैं। एप सुमित गुप्ता, दीपाली बंसल, विपुल उपाध्याय, विवेक सिंह सिसौदिया ने तैयार किया है।
प्रोजेक्ट को गाइड सौम्या त्रिपाठी ने किया। छात्रों का कहना है कि एप के माध्यम से महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोका जा सकता है।
संस्थान के निदेशक डॉ. अखंड प्रताप सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने निर्भया एप तैयार करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी है।
मैसेज प्राप्त करने वाले उस उपयोगकर्ता के पास पहुंच सकते हैं। यदि उपयोगकर्ता किसी परेशानी में है तो उसे बचा भी सकते हैं। एप सुमित गुप्ता, दीपाली बंसल, विपुल उपाध्याय, विवेक सिंह सिसौदिया ने तैयार किया है।
प्रोजेक्ट को गाइड सौम्या त्रिपाठी ने किया। छात्रों का कहना है कि एप के माध्यम से महिलाओं के साथ होने वाले अपराधों को रोका जा सकता है।
संस्थान के निदेशक डॉ. अखंड प्रताप सिंह, विभागाध्यक्ष डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने निर्भया एप तैयार करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी है।