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बदहाल सिस्टम: 38 हैं मशीनें, जिमें से 16 ही चालू; 25 हजार बच्चों का अब तक नहीं बना आधार
Sat, 29 Aug 2026 10:03 AM IST
Dhirendra Singh
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
सलोनी पांडे, संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sat, 29 Aug 2026 10:03 AM IST
सार
आगरा में स्कूली बच्चों के आधार पंजीकरण और अपडेट की व्यवस्था बदहाल है। 38 मशीनों में सिर्फ 16 चल रही हैं, जबकि 22 मशीनें ऑपरेटरों की कमी से प्रभावित हैं। व्यवस्था की इस कमी के कारण करीब 25 हजार बच्चों का आधार अब तक नहीं बन पाया है, जिससे प्रवेश, छात्रवृत्ति और डीबीटी जैसी सुविधाओं पर असर पड़ रहा है।
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आधार पंजीकरण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा में स्कूली बच्चों के आधार पंजीकरण और अपडेट की व्यवस्था बदहाल है। आधार बनाने के लिए यहां 38 मशीनें हैं लेकिन चल सिर्फ 16 रही हैं। 22 मशीनों पर ऑपरेटर नहीं हैं और इनमें से 10 मशीनें तकनीकी खराबी से बंद हैं। इससे करीब 25 हजार बच्चों का अब तक आधार कार्ड नहीं बन पाया है।
स्कूलों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा फॉर्म भरने, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। इसके बावजूद पर्याप्त मशीनें और ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी आधार बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए परेशान हो रहे हैं,। नाम, जन्मतिथि, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए भी केंद्रों के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। केंद्रों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है।
कार्यालय सहायक के घर में रखीं हैं 8 मशीनें
पिछले वर्ष 2025 में नगर के 4 जोन हरीपर्वत, छत्ता, ताजगंज, लोहामंडी के लिए 8 मशीनें आईं थीं। इनमें से सात मशीनें शुरू से ही खंड शिक्षा अधिकारी नगर के कार्यालय सहायक मनीष गुप्ता के घर पर रखी हुई हैं। एक मशीन संचालित हो रही थी, अब उसकी आइरिस खराब होने से वह भी मनीष के घर पर आ गई है। कार्यालय सहायक का कहना है कि ऑपरेटर उपलब्ध न होने के कारण मौजूदा ऑपरेटरों के तौर पर ही काम कर रहा हूं। पिछले छह महीने से दूसरे काम का लोड अधिक होने के कारण आधार मशीन का नियमित उपयोग नहीं हो सका, जिससे उनकी आईडी बंद हो गई। आईडी को दोबारा चालू कराने के लिए उसे लखनऊ भेजा है। मशीन की आइरिस भी खराब है। मशीनें चोरी होने के डर से घर पर रखी हुई है।
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ऑपरेटरों की जल्द होगी भर्ती
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि आधार कार्ड की कुछ मशीनें खराब हैं, ऑपरेटरों की भी कमी है। विभाग जल्द ऑपरेटरों की भर्ती के लिए सितंबर में परीक्षा कराने जा रहा है। जल्द वह भी कमी दूर हो जाएगी।
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स्कूलों में प्रवेश, छात्रवृत्ति, परीक्षा फॉर्म भरने, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। इसके बावजूद पर्याप्त मशीनें और ऑपरेटर उपलब्ध नहीं हैं। बड़ी संख्या में विद्यार्थी आधार बनवाने और उसमें संशोधन कराने के लिए परेशान हो रहे हैं,। नाम, जन्मतिथि, पता या अन्य विवरण में संशोधन कराने के लिए भी केंद्रों के कई बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। केंद्रों पर भी काम का दबाव बढ़ गया है।
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कार्यालय सहायक के घर में रखीं हैं 8 मशीनें
पिछले वर्ष 2025 में नगर के 4 जोन हरीपर्वत, छत्ता, ताजगंज, लोहामंडी के लिए 8 मशीनें आईं थीं। इनमें से सात मशीनें शुरू से ही खंड शिक्षा अधिकारी नगर के कार्यालय सहायक मनीष गुप्ता के घर पर रखी हुई हैं। एक मशीन संचालित हो रही थी, अब उसकी आइरिस खराब होने से वह भी मनीष के घर पर आ गई है। कार्यालय सहायक का कहना है कि ऑपरेटर उपलब्ध न होने के कारण मौजूदा ऑपरेटरों के तौर पर ही काम कर रहा हूं। पिछले छह महीने से दूसरे काम का लोड अधिक होने के कारण आधार मशीन का नियमित उपयोग नहीं हो सका, जिससे उनकी आईडी बंद हो गई। आईडी को दोबारा चालू कराने के लिए उसे लखनऊ भेजा है। मशीन की आइरिस भी खराब है। मशीनें चोरी होने के डर से घर पर रखी हुई है।
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ऑपरेटरों की जल्द होगी भर्ती
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश सिंह ने बताया कि आधार कार्ड की कुछ मशीनें खराब हैं, ऑपरेटरों की भी कमी है। विभाग जल्द ऑपरेटरों की भर्ती के लिए सितंबर में परीक्षा कराने जा रहा है। जल्द वह भी कमी दूर हो जाएगी।