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Agra News: मनमुटाव से आई दरार...सुलह ने संवार दिए रिश्ते
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परिवार परामर्श केंद्र में समझौते वाले जोड़ों को किया गया सम्मानित इस दौरान मौजूद काउंसलर्स और प
आगरा। किसी ने मनपसंद तो किसी ने परिवार की रजामंदी से जीवनसाथी चुना। विवाह के बाद हजारों सपने लेकर ससुराल पहुंचीं लेकिन कुछ ही माह में रिश्तों की डोर कमजोर पड़ने लगी। अहंकार, धैर्य और संवाद की कमी या किसी के अनावश्यक हस्तक्षेप के कारण पति-पत्नी के रिश्ते में इस हद तक कड़वाहट आ गई कि मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया।
आगरा पुलिस कमिश्नरेट के परिवार परामर्श केंद्र ने बिखरते रिश्तों को एक नया जीवन दिया। मिशन शक्ति अभियान के तहत 1 जनवरी से 15 अक्तूबर 2026 तक करीब 900 परिवारों को फिर एक सूत्र में पिरो दिया। शुक्रवार को मुस्कुराते और एक बार फिर साथ हुए जोड़ों को सम्मानित किया गया तो वहां मौजूद हर दिल सुकून से भर उठा।
इससे यह भी साबित हो गया कि समय रहते सही संवाद मिल जाए तो हर बिखरा हुआ घर फिर से आबाद हो सकता है। मिशन शक्ति की प्रभारी मंजू चौधरी ने बताया कि काउंसलर्स का हमेशा यही प्रयास रहता है कि मामला पहली या दूसरी तारीख में ही सुलझ जाए। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराकर परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।
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केस-एक : मोहनपुरा निवासी एक युवती ने ग्रेटर नोएडा निवासी युवक से 20 अप्रैल 2025 को प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच जातीय भिन्नता को लेकर कलह शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंच गया। काउंसलर के प्रयासों से दंपती में सहमति बन गई और दोनों साथ रहने को राजी हो गए।
केस-2 : जगदीशपुरा निवासी युवती का शाहगंज निवासी युवक से नवंबर 2023 में परिवार की रजामंदी से विवाह हुआ था। कुछ समय बाद ही दंपती में विवाद शुरू हो गया। जब घर में सुलह नहीं हो सकी तो मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंच गया। तीन दौर की काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी के बीच की गलतफहमी दूर हो गई और समझौता हो गया।
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पारिवारिक मामलों में समझौते के दौरान कई व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। दंपतियों को आपसी संवाद से गलतफहमी दूर करने का प्रयास करना चाहिए। रिश्तेदारों की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी से विवाद और गहरा जाता है। केंद्र में दंपतियों के बीच के मनमुटाव को दूर कर रिश्ते को बचाने का प्रयास किया जाता है। - प्रीता, एसीपी और प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र
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आगरा पुलिस कमिश्नरेट के परिवार परामर्श केंद्र ने बिखरते रिश्तों को एक नया जीवन दिया। मिशन शक्ति अभियान के तहत 1 जनवरी से 15 अक्तूबर 2026 तक करीब 900 परिवारों को फिर एक सूत्र में पिरो दिया। शुक्रवार को मुस्कुराते और एक बार फिर साथ हुए जोड़ों को सम्मानित किया गया तो वहां मौजूद हर दिल सुकून से भर उठा।
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इससे यह भी साबित हो गया कि समय रहते सही संवाद मिल जाए तो हर बिखरा हुआ घर फिर से आबाद हो सकता है। मिशन शक्ति की प्रभारी मंजू चौधरी ने बताया कि काउंसलर्स का हमेशा यही प्रयास रहता है कि मामला पहली या दूसरी तारीख में ही सुलझ जाए। दोनों पक्षों की काउंसलिंग कराकर परिवारों को टूटने से बचाया जा सके।
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केस-एक : मोहनपुरा निवासी एक युवती ने ग्रेटर नोएडा निवासी युवक से 20 अप्रैल 2025 को प्रेम विवाह किया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक चला लेकिन कुछ समय बाद दोनों के बीच जातीय भिन्नता को लेकर कलह शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंच गया। काउंसलर के प्रयासों से दंपती में सहमति बन गई और दोनों साथ रहने को राजी हो गए।
केस-2 : जगदीशपुरा निवासी युवती का शाहगंज निवासी युवक से नवंबर 2023 में परिवार की रजामंदी से विवाह हुआ था। कुछ समय बाद ही दंपती में विवाद शुरू हो गया। जब घर में सुलह नहीं हो सकी तो मामला परिवार परामर्श केंद्र पहुंच गया। तीन दौर की काउंसलिंग के बाद पति-पत्नी के बीच की गलतफहमी दूर हो गई और समझौता हो गया।
पारिवारिक मामलों में समझौते के दौरान कई व्यावहारिक दिक्कतें आती हैं। दंपतियों को आपसी संवाद से गलतफहमी दूर करने का प्रयास करना चाहिए। रिश्तेदारों की जरूरत से ज्यादा दखलअंदाजी से विवाद और गहरा जाता है। केंद्र में दंपतियों के बीच के मनमुटाव को दूर कर रिश्ते को बचाने का प्रयास किया जाता है। - प्रीता, एसीपी और प्रभारी परिवार परामर्श केंद्र