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Agra News: सजगता, साहस और आत्मविश्वास का पढ़ाया गया पाठ
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सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अपराजिता कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य निधि त
आगरा। साहस और सतर्क रहना ही सबसे बड़ा बचाव है। इसी संदेश के साथ बृहस्पतिवार को सुभाष पार्क स्थित सरस्वती शिशु बालिका विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अमर उजाला अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य छात्राओं को आत्मरक्षा के व्यावहारिक और उपयोगी तरीकों से परिचित कराना था, ताकि किसी भी चुनौती के समय वो स्वयं को सुरक्षित रख सकें।
कार्यक्रम में मार्शल आर्ट विशेषज्ञ विपुल वर्मा ने आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाईं। बताया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का नाम नहीं है, बल्कि मानसिक मजबूती, सजगता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता ही असली हथियार है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सामने आने वाले खतरों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
प्रशिक्षण सत्र में पीछे से पकड़े जाने, हाथ या कलाई जकड़े जाने, बाल खींचे जाने साथ ही दोनों हाथों की जकड़ से सुरक्षित निकलने की तकनीक का अभ्यास कराया गया। कोहनी, एड़ी और संतुलन का सही उपयोग सिखाया गया। घबराहट के बजाय संयम और आत्मविश्वास से निर्णय लेना समझाया गया।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल तकनीकों को ध्यान से सीखा, बल्कि स्वयं अभ्यास भी किया। इस दौरान प्रधानाचार्य निधि तिवारी, लक्ष्मी बाई, संजू कुमारी, गीत बंसल, अर्चना, आराधना और नम्रता उपस्थित रहीं।
प्रशिक्षण में सवाल पूछने पर सिम्मी, प्रेक्षा उपाध्याय, दीपांशी, ऋषिका, धानी कुशवाहा, रानी, निकिता, दीक्षा, अंशु, जानवी, चंचल, प्रियंका, वैष्णवी, संजना, दिव्यांशी और इकरा को किताबें दी गईं।
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कार्यक्रम में मार्शल आर्ट विशेषज्ञ विपुल वर्मा ने आत्मरक्षा की बारीकियां सिखाईं। बताया कि आत्मरक्षा केवल शारीरिक शक्ति का नाम नहीं है, बल्कि मानसिक मजबूती, सजगता और सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता ही असली हथियार है। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने सामने आने वाले खतरों को उदाहरणों के माध्यम से समझाया।
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प्रशिक्षण सत्र में पीछे से पकड़े जाने, हाथ या कलाई जकड़े जाने, बाल खींचे जाने साथ ही दोनों हाथों की जकड़ से सुरक्षित निकलने की तकनीक का अभ्यास कराया गया। कोहनी, एड़ी और संतुलन का सही उपयोग सिखाया गया। घबराहट के बजाय संयम और आत्मविश्वास से निर्णय लेना समझाया गया।
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कार्यक्रम में छात्राओं ने न केवल तकनीकों को ध्यान से सीखा, बल्कि स्वयं अभ्यास भी किया। इस दौरान प्रधानाचार्य निधि तिवारी, लक्ष्मी बाई, संजू कुमारी, गीत बंसल, अर्चना, आराधना और नम्रता उपस्थित रहीं।
प्रशिक्षण में सवाल पूछने पर सिम्मी, प्रेक्षा उपाध्याय, दीपांशी, ऋषिका, धानी कुशवाहा, रानी, निकिता, दीक्षा, अंशु, जानवी, चंचल, प्रियंका, वैष्णवी, संजना, दिव्यांशी और इकरा को किताबें दी गईं।