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टोरंट के खिलाफ खुला शिकायतों का पिटारा
Agra
Updated Fri, 25 Jul 2014 05:30 AM IST
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आगरा। टैरिफ में बढ़ोतरी पर जन सुनवाई के लिए पहुंचे उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टोरंट की शिकायतों का पिटारा खुल गया। उपभोक्ताओं ने टोरंट पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अंकुश लगाने की मांग की। इस पर डीवीवीएनएल ने अपने मुख्य अभियंता कार्यालय में दो अधिकारियों को नियुक्त करने का निर्देश दिया है जो उपभोक्ताओं के असेसमेंट तथा अन्य शिकायतों को मानीटरिंग करेंगे।
डीवीवीएनएल में गुरुवार को जन सुनवाई में आगरा के अलावा अलीगढ़, हाथरस, फीरोजाबाद के आम उपभोक्ताओं, व्यापारी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा और सदस्य इंदुभूषण पांडेय के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। आगरा मंडल व्यापार संगठन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि टोरंट किसी माह उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन पर लोड बढ़ने पर नियमित रूप से उसका बढ़ा हुआ लोड निर्धारित कर देती है। कम होने पर लोड घटाते नहीं। नए कनेक्शन के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। उन्होंने बिजली के टैरिफ में वृद्धि नहीं करने की मांग की। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता कल्याण परिषद के केएस परमार, राजू परमार और इंद्रजीत सिंह ने टोरंट के हर बिल में अवशेष भेजने, टोरंट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 70 फीसदी उपकरणों के बीआईएस मानकों के अनुरूप न होने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 24 घंटे बिजली नहीं देने की शिकायतें दर्ज कराई। नेशनल चैंबर के शशि कुमार जैन पर्याप्त बिजली न मिलने की शिकायत की।
भाजपा के महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा ने भी ज्ञापन दिया। इसमें पहले की तरह प्रत्येक किलोवाट के कनेक्शन पर कुछ यूनिट फ्री देने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अशोक राणा ने भी ज्ञापन दिया। आयोग के चेयरमैन ने कहा कि आयोग बढ़े टैरिफ पर निर्णय लेने से पूर्व सभी आपत्तियों का निस्तारण करेगा। जन सुनवाई में डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह, निदेशक तकनीकी टीएस सोलंकी, निदेशक वित्त एसके मिश्रा, मुख्य अभियंता एसएम मित्तल, जगमोहन लाल, अमरेश राय, वीके मित्तल, देवेंद्र पचौरिया, आरके जैन, वाईपी सिंह, आरपीएस तोमर, आयोग के उप निदेशक अतुल चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
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बिल्डर कर रहे उत्पीड़न
नियामक आयोग के चेयरमैन के सामने बिल्डरों के उत्पीड़न की दो शिकायतें आई। भावना टॉवर के बारे में बताया, यहां सिंगल फेस सप्लाई लेकर उपभोक्ताओं को महंगी बिजली दी जाती है। आरोप लगाया कि टोरंट की सांठगांठ से यह हो रहा है। शमसाबाद का एक बिल्डर सिंगल फेस सप्लाई लेकर कालोनी वालों को महंगी दरों पर बिजली देता है। इस मुद्दे पर टोरंट के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। चेयरमैन ने कहा कि ऐसी शिकायतों की जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
डिस्ट्रीब्यूशन लॉस पर टोरंट को फटकार
आयोग के चेयरमैन ने टोरंट अधिकारियों की डिस्ट्रीब्यूशन लॉस पर फटकार लगाई। शहर में भर में कैंप आयोजित कर नए कनेक्शन देने का आदेश दिया। टोरंट को शहर में अपने सर्विस सेंटर और टोल नंबर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। चेयरमैन ने कहा कि टोरंट के खिलाफ एक पिटीशन आयोग में है, टोरंट ने उस पर जवाब भी दिया है। इसमें आयोग जल्द ही निर्णय लेगा।
सरचार्ज डिस्काम की प्रगति के आधार पर
नियामक आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि भविष्य में उपभोक्ताओं पर लगने वाले रेगुलेटरी सरचार्ज डिस्काम की प्रगति के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। साथ ही कुष्ठ आश्रम, अनाथालय, नेत्रहीनों के आश्रम, विधवा आश्रम आदि पर लागू वर्तमान टैरिफ को बदलने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि इन्हें लाभ मिल सके।
टैरिफ (रुपये प्रति यूनिट)
विवरण वर्तमान प्रस्तावित प्रतिशत वृद्धि
घरेलू उपभोक्ता (एलएमवी-1) 3.57 3.91 9.67
ग्रामीण उपभोक्ता 2.30 2.30 00
सिंगल प्वाइंट 4.77 5.52 15.73
अन्य घरेलू उपभोक्ता 5.00 5.78 15.61
बीपीएल 2.52 2.28 - 9.51
वाणिज्यिक उपभोक्ता (एमएमवी-2) 5.72 6.32 10.46
ग्रामीण 2.96 3.21 8.55
अन्य मीटरर्ड उपभोक्ता 7.01 7.89 12.52
निजी नलकूप उपभोक्ता 1.68 2.02 19.94
लघु एवं मध्यम उद्योग 6.98 8.01 14.74
वृहद एवं भारी उपभोक्ता 6.89 7.43 7.79
विभागीय कर्मचारी 1.85 2.41 30.54
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डीवीवीएनएल में गुरुवार को जन सुनवाई में आगरा के अलावा अलीगढ़, हाथरस, फीरोजाबाद के आम उपभोक्ताओं, व्यापारी, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और विभिन्न संस्थाओं के पदाधिकारियों ने आयोग के चेयरमैन देशदीपक वर्मा और सदस्य इंदुभूषण पांडेय के समक्ष शिकायतें दर्ज कराईं। आगरा मंडल व्यापार संगठन के अध्यक्ष गोविंद अग्रवाल ने कहा कि टोरंट किसी माह उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन पर लोड बढ़ने पर नियमित रूप से उसका बढ़ा हुआ लोड निर्धारित कर देती है। कम होने पर लोड घटाते नहीं। नए कनेक्शन के लिए चक्कर काटने पड़ते हैं। उन्होंने बिजली के टैरिफ में वृद्धि नहीं करने की मांग की। उत्तर प्रदेश उपभोक्ता कल्याण परिषद के केएस परमार, राजू परमार और इंद्रजीत सिंह ने टोरंट के हर बिल में अवशेष भेजने, टोरंट द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 70 फीसदी उपकरणों के बीआईएस मानकों के अनुरूप न होने, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी 24 घंटे बिजली नहीं देने की शिकायतें दर्ज कराई। नेशनल चैंबर के शशि कुमार जैन पर्याप्त बिजली न मिलने की शिकायत की।
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भाजपा के महानगर अध्यक्ष नागेंद्र प्रसाद दुबे गामा ने भी ज्ञापन दिया। इसमें पहले की तरह प्रत्येक किलोवाट के कनेक्शन पर कुछ यूनिट फ्री देने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष अशोक राणा ने भी ज्ञापन दिया। आयोग के चेयरमैन ने कहा कि आयोग बढ़े टैरिफ पर निर्णय लेने से पूर्व सभी आपत्तियों का निस्तारण करेगा। जन सुनवाई में डीवीवीएनएल के प्रबंध निदेशक प्रभु नारायण सिंह, निदेशक तकनीकी टीएस सोलंकी, निदेशक वित्त एसके मिश्रा, मुख्य अभियंता एसएम मित्तल, जगमोहन लाल, अमरेश राय, वीके मित्तल, देवेंद्र पचौरिया, आरके जैन, वाईपी सिंह, आरपीएस तोमर, आयोग के उप निदेशक अतुल चतुर्वेदी उपस्थित रहे।
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बिल्डर कर रहे उत्पीड़न
नियामक आयोग के चेयरमैन के सामने बिल्डरों के उत्पीड़न की दो शिकायतें आई। भावना टॉवर के बारे में बताया, यहां सिंगल फेस सप्लाई लेकर उपभोक्ताओं को महंगी बिजली दी जाती है। आरोप लगाया कि टोरंट की सांठगांठ से यह हो रहा है। शमसाबाद का एक बिल्डर सिंगल फेस सप्लाई लेकर कालोनी वालों को महंगी दरों पर बिजली देता है। इस मुद्दे पर टोरंट के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। चेयरमैन ने कहा कि ऐसी शिकायतों की जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
डिस्ट्रीब्यूशन लॉस पर टोरंट को फटकार
आयोग के चेयरमैन ने टोरंट अधिकारियों की डिस्ट्रीब्यूशन लॉस पर फटकार लगाई। शहर में भर में कैंप आयोजित कर नए कनेक्शन देने का आदेश दिया। टोरंट को शहर में अपने सर्विस सेंटर और टोल नंबर बढ़ाने के भी निर्देश दिए। चेयरमैन ने कहा कि टोरंट के खिलाफ एक पिटीशन आयोग में है, टोरंट ने उस पर जवाब भी दिया है। इसमें आयोग जल्द ही निर्णय लेगा।
सरचार्ज डिस्काम की प्रगति के आधार पर
नियामक आयोग के अध्यक्ष ने बताया कि भविष्य में उपभोक्ताओं पर लगने वाले रेगुलेटरी सरचार्ज डिस्काम की प्रगति के आधार पर निर्धारित किया जाएगा। साथ ही कुष्ठ आश्रम, अनाथालय, नेत्रहीनों के आश्रम, विधवा आश्रम आदि पर लागू वर्तमान टैरिफ को बदलने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि इन्हें लाभ मिल सके।
टैरिफ (रुपये प्रति यूनिट)
विवरण वर्तमान प्रस्तावित प्रतिशत वृद्धि
घरेलू उपभोक्ता (एलएमवी-1) 3.57 3.91 9.67
ग्रामीण उपभोक्ता 2.30 2.30 00
सिंगल प्वाइंट 4.77 5.52 15.73
अन्य घरेलू उपभोक्ता 5.00 5.78 15.61
बीपीएल 2.52 2.28 - 9.51
वाणिज्यिक उपभोक्ता (एमएमवी-2) 5.72 6.32 10.46
ग्रामीण 2.96 3.21 8.55
अन्य मीटरर्ड उपभोक्ता 7.01 7.89 12.52
निजी नलकूप उपभोक्ता 1.68 2.02 19.94
लघु एवं मध्यम उद्योग 6.98 8.01 14.74
वृहद एवं भारी उपभोक्ता 6.89 7.43 7.79
विभागीय कर्मचारी 1.85 2.41 30.54