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करोड़ों खर्च, फिर भी 46 फीसदी बच्चों का टीकाकरण
Agra
Updated Tue, 13 May 2014 05:30 AM IST
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धर्मेंद्र त्यागी
आगरा। नौनिहाल कैसे स्वस्थ होंगे, जब टीकाकरण अभियान ही ‘बीमार’ पड़ गया है। एनआरएचएम योजना के तहत अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आगरा में 50 प्रतिशत भी बच्चों को पूरे टीके नहीं लग पाए हैं। हकीकत यह है कि 12 फीसदी बच्चों को तो एक भी टीके नसीब नहीं हुए। फिलहाल प्रदेश के कुल 39 जिले फिसड्डी हैं। इसका खुलासा टीकाकरण टास्क फोर्स की फीडबैक रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 1,21,200 बच्चाें में से 46 फीसदी को ही सभी टीके लगाए जा सके हैं। 42 फीसदी को आधे-अधूरे टीके लगाकर कोरम पूरा कर दिया गया है। हाल ही में प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद परिवार कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। परिवार कल्याण महानिदेशक ने आगरा समेत 39 जिलों के सीएमओ को तलब कर इस लापरवाही के लिए फटकार लगाई। साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
टीकाकरण में कहां कमी हुई है, इसके लिए जिम्मेदारी तय की जा रही है। लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डा. एके कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
बच्चों को यह लगते हैं टीके
- पैदा होने के बाद : बीसीजी (टीबी का टीका), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- डेढ़ माह पर: डीपीटी (गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- ढाई महीने और साढ़े तीन पर : डीपीटी (गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- नौ माह होने पर: खसरा, विटामिन-ए
प्राइवेट में 18 सौ का खर्चा
निजी चिकित्सालय में प्रति बच्चा टीकाकरण का खर्च अमूमन 18 सौ रुपये आता है। इसके कारण गरीब और निचले तबके के लोग अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं करा पाते। ऐसे में सरकारी संस्थाओं में यह नि: शुल्क उपलब्ध है।
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आशाओं के पास नहीं होती लिस्ट
रिपोर्ट में आशाओं की लापरवाही भी सामने आई है। आगरा में 40.30 फीसदी आशा बच्चों की लिस्ट के बिना ही टीकाकरण करती हैं, जिससे छूटे हुए और आधे-अधूरे टीके की उन्हें जानकारी नहीं रहती।
आशा और एएनएम पर जिम्मा
टीकाकरण का आशा और एएनएम पर जिम्मा रहता है। आशा ब्लाकों से बच्चों को एकत्रित करती हैं और एएनएम उनका टीकाकरण कराती हैं। जनपद में 2135 आशा और 389 एएनएम हैं। एएनएम को वेतनमान और आशाओं को एक चरण टीकाकरण के लिए 150 रुपये और पूर्ण टीकाकरण पर प्रति बच्चे 100 रुपये बतौर इनाम मिलता है।
टीकाकरण का सच
प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण : 61.00 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 46.00
फीरोजाबाद 47.00
अलीगढ़ 51.00
हाथरस 51.00
कासगंज 43.00
प्रदेश में आंशिक टीकाकरण: 31.30 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 42.00
फीरोजाबाद 39.00
अलीगढ़ 41.00
हाथरस 39.00
प्रदेश में बिना टीकाकरण: 7.20 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 12.00
फीरोजाबाद 14.00
कासगंज 17.00
एटा 12.00
प्रदेश में बिना लिस्ट टीकाकरण: 60 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 40.30
फीरोजाबाद 59.20
मैनपुरी 58.80
एटा 53.70
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आगरा। नौनिहाल कैसे स्वस्थ होंगे, जब टीकाकरण अभियान ही ‘बीमार’ पड़ गया है। एनआरएचएम योजना के तहत अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आगरा में 50 प्रतिशत भी बच्चों को पूरे टीके नहीं लग पाए हैं। हकीकत यह है कि 12 फीसदी बच्चों को तो एक भी टीके नसीब नहीं हुए। फिलहाल प्रदेश के कुल 39 जिले फिसड्डी हैं। इसका खुलासा टीकाकरण टास्क फोर्स की फीडबैक रिपोर्ट में हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार आगरा में 1,21,200 बच्चाें में से 46 फीसदी को ही सभी टीके लगाए जा सके हैं। 42 फीसदी को आधे-अधूरे टीके लगाकर कोरम पूरा कर दिया गया है। हाल ही में प्रस्तुत रिपोर्ट के बाद परिवार कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। परिवार कल्याण महानिदेशक ने आगरा समेत 39 जिलों के सीएमओ को तलब कर इस लापरवाही के लिए फटकार लगाई। साथ ही उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
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टीकाकरण में कहां कमी हुई है, इसके लिए जिम्मेदारी तय की जा रही है। लापरवाह लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- डा. एके कुलश्रेष्ठ, सीएमओ
बच्चों को यह लगते हैं टीके
- पैदा होने के बाद : बीसीजी (टीबी का टीका), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- डेढ़ माह पर: डीपीटी (गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- ढाई महीने और साढ़े तीन पर : डीपीटी (गलाघोंटू, काली खांसी, टिटनेस), पोलियो, हैपेटाइटस-बी
- नौ माह होने पर: खसरा, विटामिन-ए
प्राइवेट में 18 सौ का खर्चा
निजी चिकित्सालय में प्रति बच्चा टीकाकरण का खर्च अमूमन 18 सौ रुपये आता है। इसके कारण गरीब और निचले तबके के लोग अपने बच्चों को टीकाकरण नहीं करा पाते। ऐसे में सरकारी संस्थाओं में यह नि: शुल्क उपलब्ध है।
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आशाओं के पास नहीं होती लिस्ट
रिपोर्ट में आशाओं की लापरवाही भी सामने आई है। आगरा में 40.30 फीसदी आशा बच्चों की लिस्ट के बिना ही टीकाकरण करती हैं, जिससे छूटे हुए और आधे-अधूरे टीके की उन्हें जानकारी नहीं रहती।
आशा और एएनएम पर जिम्मा
टीकाकरण का आशा और एएनएम पर जिम्मा रहता है। आशा ब्लाकों से बच्चों को एकत्रित करती हैं और एएनएम उनका टीकाकरण कराती हैं। जनपद में 2135 आशा और 389 एएनएम हैं। एएनएम को वेतनमान और आशाओं को एक चरण टीकाकरण के लिए 150 रुपये और पूर्ण टीकाकरण पर प्रति बच्चे 100 रुपये बतौर इनाम मिलता है।
टीकाकरण का सच
प्रदेश में पूर्ण टीकाकरण : 61.00 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 46.00
फीरोजाबाद 47.00
अलीगढ़ 51.00
हाथरस 51.00
कासगंज 43.00
प्रदेश में आंशिक टीकाकरण: 31.30 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 42.00
फीरोजाबाद 39.00
अलीगढ़ 41.00
हाथरस 39.00
प्रदेश में बिना टीकाकरण: 7.20 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 12.00
फीरोजाबाद 14.00
कासगंज 17.00
एटा 12.00
प्रदेश में बिना लिस्ट टीकाकरण: 60 प्रतिशत
शहर प्रतिशत
आगरा 40.30
फीरोजाबाद 59.20
मैनपुरी 58.80
एटा 53.70