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सहकारी समितियों ने गेहूं खरीद रोकी, केंद्रों से नहीं हो रहा उठान
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डेमो
- फोटो : SELF
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मथुरा। पीसीएफ द्वारा संचालित जिले के 64 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद रोक दी गई है। क्रय प्रभारी गेहूं का उठान न होने की स्थिति में किसानों से गेहूं खरीदने को तैयार नहीं है। इससे एक तरफ हजारों क्विंटल गेहूं खुले आसमान के नीचे क्रय केंद्रों पर पड़ा है तो दूसरे ओर किसान खुले बाजार में कम कीमत पर उसे बेचने को मजबूर है।
शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत जनपद में गेहूं खरीद के लिए 75 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 64 क्रय केंद्र पीसीफ द्वारा संचालित सहकारिता के हैं। अब तक इन केंद्रों पर गेहूं खरीद के बाद उठान की जिम्मेदारी पीसीएफ की हुआ करती थी, लेकिन इस बार पीसीएफ ने अपनी जिम्मेदारी सहकारी समितियों के कंधों पर डाल दी है।
इसमें भी पिछले साल लोडिंग, अनलोडिंग के लिए 29.60 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, उसे भी घटाकर 17.60 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इससे क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान नहीं हो रहा है। इस स्थिति में सहकारी समितियों के केंद्र प्रभारियों ने उठान न होने की स्थिति में गेहूं खरीद रोक दी है। साथ ही इसे लेकर संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के बैनरतले डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया। डीएम के नाम ज्ञापन में खराब मौसम में बरसात होने पर गेहूं का उठान न होने की स्थिति में उसके खराब होने की जिम्मेदारी पीसीएफ की बताई है।
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हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए गुरुवार को डीएम ने संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। गेहूं उठान के लिए पीसीएफ को निर्देशित किया। एडीएम प्रशासन सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अब उठान शुरू हो जाएगा। किसी भी दृष्टि से किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
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शासन द्वारा निर्धारित व्यवस्था के तहत जनपद में गेहूं खरीद के लिए 75 केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 64 क्रय केंद्र पीसीफ द्वारा संचालित सहकारिता के हैं। अब तक इन केंद्रों पर गेहूं खरीद के बाद उठान की जिम्मेदारी पीसीएफ की हुआ करती थी, लेकिन इस बार पीसीएफ ने अपनी जिम्मेदारी सहकारी समितियों के कंधों पर डाल दी है।
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इसमें भी पिछले साल लोडिंग, अनलोडिंग के लिए 29.60 रुपये प्रति क्विंटल मिलता था, उसे भी घटाकर 17.60 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। इससे क्रय केंद्रों से गेहूं का उठान नहीं हो रहा है। इस स्थिति में सहकारी समितियों के केंद्र प्रभारियों ने उठान न होने की स्थिति में गेहूं खरीद रोक दी है। साथ ही इसे लेकर संयुक्त सहकारी समिति कर्मचारी समन्वय समिति के बैनरतले डीएम कार्यालय पर प्रदर्शन भी किया। डीएम के नाम ज्ञापन में खराब मौसम में बरसात होने पर गेहूं का उठान न होने की स्थिति में उसके खराब होने की जिम्मेदारी पीसीएफ की बताई है।
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हालांकि इस समस्या से निपटने के लिए गुरुवार को डीएम ने संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। गेहूं उठान के लिए पीसीएफ को निर्देशित किया। एडीएम प्रशासन सतीश चंद्र त्रिपाठी ने कहा कि अब उठान शुरू हो जाएगा। किसी भी दृष्टि से किसान को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।