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अब लिखकर देना होगा धूम्रपान मुक्त है कार्यालय
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मैनपुरी। धूम्रपान पर नियंत्रण करने के लिए अब विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है। इसमें केवल आने वाले लोग ही नहीं बल्कि कार्यालय के कर्मचारियों द्वारा भी तंबाकू के सेवन पर कार्रवाई की जाएगी।
धूम्रपान पर नियंत्रण करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया गया था। इसके तहत सार्वजनिक स्थान व कार्यालय में अगर कोई धूम्रपान करते मिलता है तो उस पर दो सौ रुपये जुर्माना का प्रावधान था।
लेकिन अब कार्यालय के कर्मचारियों के लिए भी नियम सख्त हो गए हैं। अगर कार्यालय का कोई भी कर्मचारी तंबाकू खाता है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय अधिकारी को कार्रवाई करनी होगी। इससे पहले प्रशासन ने विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करने के लिए नया आदेश जारी किया है।
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इसके तहत सभी अधिकारियों से ये बात लिखित में ली जा रही है कि उनके कार्यालय में कोई भी कर्मचारी धूम्रपान नहीं करता है। अगर कोई भी कर्मचारी धूम्रपान करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अगर कार्यालय का कोई भी कर्मचारी धूम्रपान करता है तो अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। अधिकारियों को इस बात की चिंता और भी बढ़ गई है।
हर माह अब सभी कार्यालयों को धूम्रपान करने वालों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को भेजना होगा। इतना ही नहीं प्रत्येक कार्रवाई पर जमा कराया गया दो सौ रुपये का शुल्क भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कराना होगा।
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धूम्रपान पर नियंत्रण करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ का गठन किया गया था। इसके तहत सार्वजनिक स्थान व कार्यालय में अगर कोई धूम्रपान करते मिलता है तो उस पर दो सौ रुपये जुर्माना का प्रावधान था।
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लेकिन अब कार्यालय के कर्मचारियों के लिए भी नियम सख्त हो गए हैं। अगर कार्यालय का कोई भी कर्मचारी तंबाकू खाता है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय अधिकारी को कार्रवाई करनी होगी। इससे पहले प्रशासन ने विभागाध्यक्षों की जिम्मेदारी तय करने के लिए नया आदेश जारी किया है।
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इसके तहत सभी अधिकारियों से ये बात लिखित में ली जा रही है कि उनके कार्यालय में कोई भी कर्मचारी धूम्रपान नहीं करता है। अगर कोई भी कर्मचारी धूम्रपान करते हुए पाया जाता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में अगर कार्यालय का कोई भी कर्मचारी धूम्रपान करता है तो अधिकारी भी जिम्मेदार होंगे। अधिकारियों को इस बात की चिंता और भी बढ़ गई है।
हर माह अब सभी कार्यालयों को धूम्रपान करने वालों पर की गई कार्रवाई का ब्योरा मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय को भेजना होगा। इतना ही नहीं प्रत्येक कार्रवाई पर जमा कराया गया दो सौ रुपये का शुल्क भी मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में जमा कराना होगा।