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क्षत्रिय कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष और भाजपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ वारंट जारी
Updated Fri, 07 Sep 2018 11:22 PM IST
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भाजपा जिलाध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। भाजपा जिलाध्यक्ष, चेयरमैन प्रतिनिधि, क्षत्रिय कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सहित छह लोगों के खिलाफ सीजेएम शक्ति सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष चार साल से अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। एसपी को वारंट भेजकर आरोपियों को नियत तारीख पर गिरफ्तार करके अदालत में पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की गई है।
थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2008 में क्रिश्चियन तिराहे पर जाम लगाकर रास्ता बाधित करने, लोक शांतिभंग करने, गाली गलौज करने का एक मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चल रहा है। इस मुकदमे में भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता, विहिप नेता डॉक्टर अरुण चौहान, क्षत्रिय कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, विहिप नेता ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा आरोपी हैं। अदालत से वारंट जारी होने के बाद वर्ष 2014 से आलोक गुप्ता, रामबाबू कुशवाहा, ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इससे मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सात सितंबर को मुकदमे की सुनवाई के दौरान छह में से एक भी आरोपी सीजेएम कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। सीजेएम शक्ति सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एसपी को वारंट भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार करके 24 सितंबर को अदालत में पेश करने को कहा गया है।
यह था मामला
थाना कोतवाली क्षेत्र में क्रिश्चियन तिराहे पर 13 अगस्त 2008 को तत्कालीन चेयरमैन आलोक गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता, डॉक्टर अरुण चौहान, ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा, रामबाबू कुशवाहा सहित 100-120 लोगों ने जाम लगाया था। इससे दो घंटे तक यातायात बाधित हुआ था। इस संबंध में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष सहित छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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कोतवाली प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण
सीजेएम ने कोतवाली प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा है वर्ष 2014 से सीजेएम कोर्ट से जारी किए जा रहे गैर जमानती वारंटों की तामील अभी तक क्यों नहीं कराई गई है। अदालत के आदेश का पालन करने में लापरवाही क्यों बरती गई है। कोतवाली प्रभारी भी 24 सितंबर को अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के संबंध में अदालत में हाजिर होकर स्पष्टीकरण दें।
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थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2008 में क्रिश्चियन तिराहे पर जाम लगाकर रास्ता बाधित करने, लोक शांतिभंग करने, गाली गलौज करने का एक मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चल रहा है। इस मुकदमे में भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता, विहिप नेता डॉक्टर अरुण चौहान, क्षत्रिय कल्याण परिषद के प्रदेश अध्यक्ष रामबाबू कुशवाहा, विहिप नेता ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा आरोपी हैं। अदालत से वारंट जारी होने के बाद वर्ष 2014 से आलोक गुप्ता, रामबाबू कुशवाहा, ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा अदालत में हाजिर नहीं हो रहे हैं। इससे मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही है। सात सितंबर को मुकदमे की सुनवाई के दौरान छह में से एक भी आरोपी सीजेएम कोर्ट में हाजिर नहीं हुआ। सीजेएम शक्ति सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिए हैं। एसपी को वारंट भेजकर आरोपियों को गिरफ्तार करके 24 सितंबर को अदालत में पेश करने को कहा गया है।
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यह था मामला
थाना कोतवाली क्षेत्र में क्रिश्चियन तिराहे पर 13 अगस्त 2008 को तत्कालीन चेयरमैन आलोक गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता, डॉक्टर अरुण चौहान, ओमप्रकाश गुप्ता, ज्ञानेंद्र मिश्रा, रामबाबू कुशवाहा सहित 100-120 लोगों ने जाम लगाया था। इससे दो घंटे तक यातायात बाधित हुआ था। इस संबंध में तत्कालीन कोतवाली प्रभारी ओमप्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में पुलिस ने भाजपा जिलाध्यक्ष सहित छह लोगों के खिलाफ चार्जशीट सीजेएम कोर्ट में दाखिल कर दी थी।
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कोतवाली प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण
सीजेएम ने कोतवाली प्रभारी से भी स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में कहा है वर्ष 2014 से सीजेएम कोर्ट से जारी किए जा रहे गैर जमानती वारंटों की तामील अभी तक क्यों नहीं कराई गई है। अदालत के आदेश का पालन करने में लापरवाही क्यों बरती गई है। कोतवाली प्रभारी भी 24 सितंबर को अदालत के आदेश का पालन नहीं करने के संबंध में अदालत में हाजिर होकर स्पष्टीकरण दें।