{"_id":"5abf91034f1c1bf0618b4aa8","slug":"91522503939-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षिका ने लिया अवकाश, बीएसए को दी चेतावनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षिका ने लिया अवकाश, बीएसए को दी चेतावनी
Updated Sat, 31 Mar 2018 10:55 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। जिलाधिकारी प्रदीप कुमार ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय भोगांव का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान फुट टाइम शिक्षिका की उपस्थिति को लेकर नाराजगी प्रकट की। यही नहीं जिला समन्वयक द्वारा लापरवाह शिक्षिका के नवीनीकरण की संस्तुति भी दे दी गई। डीएम ने इस संबंध में बीएसए तथा जिला समन्वयक को चेतावनी देते हुए कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने निरीक्षण में पाया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की फुल टाइम शिक्षिका कंचन ने पूरे वर्ष में 71 दिन का अवकाश लिया, और किसी भी सक्षम स्तर से अवकाश स्वीकृत नहीं कराया गया। विद्यालय से अक्सर गायब रहने वाली शिक्षिका का मात्र 31 दिन का वेतन रोका गया। डीएम ने पाया कि पदीय दायित्वों के प्रति गैर जिम्मेदार शिक्षिका की जिला समन्वयक बालिका शिक्षा द्वारा नवीनीकरण की संस्तुति भेजी गई। । यह स्थिति देख नाराज जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को चेतावनी देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
डीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि छात्राओं को मीनू के अनुसार भोजन, नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने वार्डन को सचेत करते हुए कहा कि सभी छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता, लंच, डिनर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने पाया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 100 छात्राएं पंजीकृत है जिसमें से आज मौके पर 93 छात्राएं उपस्थित मिली। छात्राओं के बैठने के लिए भी व्यवस्था नहीं थी। डीएम ने मौजूद बीएसए विजय प्रताप सिंह से तत्काल बैठने की व्यवस्था लिए प्रस्ताव मांगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
डीएम ने निरीक्षण में पाया कि कस्तूरबा गांधी विद्यालय की फुल टाइम शिक्षिका कंचन ने पूरे वर्ष में 71 दिन का अवकाश लिया, और किसी भी सक्षम स्तर से अवकाश स्वीकृत नहीं कराया गया। विद्यालय से अक्सर गायब रहने वाली शिक्षिका का मात्र 31 दिन का वेतन रोका गया। डीएम ने पाया कि पदीय दायित्वों के प्रति गैर जिम्मेदार शिक्षिका की जिला समन्वयक बालिका शिक्षा द्वारा नवीनीकरण की संस्तुति भेजी गई। । यह स्थिति देख नाराज जिलाधिकारी ने बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला समन्वयक बालिका शिक्षा को चेतावनी देते हुए कार्यशैली में सुधार लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
डीएम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि छात्राओं को मीनू के अनुसार भोजन, नाश्ता उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। उन्होंने वार्डन को सचेत करते हुए कहा कि सभी छात्राओं को निर्धारित मीनू के अनुसार नाश्ता, लंच, डिनर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने पाया कि कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में 100 छात्राएं पंजीकृत है जिसमें से आज मौके पर 93 छात्राएं उपस्थित मिली। छात्राओं के बैठने के लिए भी व्यवस्था नहीं थी। डीएम ने मौजूद बीएसए विजय प्रताप सिंह से तत्काल बैठने की व्यवस्था लिए प्रस्ताव मांगा।
विज्ञापन