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दो और मुकदमे की कवायद से हलचल

Wed, 14 Mar 2018 10:55 PM IST
Updated Wed, 14 Mar 2018 10:55 PM IST
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दो और मुकदमे की कवायद से हलचल
तैनात पुलिस - फोटो : अमर उजाला
कासगंज। तिरंगा यात्रा को लेकर हिंसा के चलते कई दिन तनाव की आंच में झुलसे कासगंज में अब दो नए मुकदमे दर्ज कराने की कवायद से फिर से हलचल है। दो अलग लोगों ने सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए दी अर्जी में 63 लोगों को नामजद किया है जबकि बहुत से अज्ञात हैं। मुकदमा दर्ज कराने को दिए प्रार्थनापत्रों में हिंसा का शिकार हुए अभिषेक गुप्ता उर्फ चंदन के साथ ही उसके भाई, अधिवक्ता तथा कारोबारी शामिल हैं। दोनों अर्जी में कोर्ट ने थानों से रिपोर्ट मांगी है।
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धारा 156 (3) के तहत एफआईआर दर्ज कराने के लिए सीजेएम न्यायालय में एक प्रार्थना पत्र बैनामी पुत्र बुधी निवासी गंगेश्वर कालोनी ने दायर किया। प्रार्थनापत्र में 17 नामों का जिक्र किया गया है, जबकि 60-70 लोग अज्ञात दर्शाए गए हैं। प्रार्थना पत्र न्यायालय में विचाराधीन है। न्यायालय ने 24 मार्च तक इस मामले में कासगंज पुलिस से रिपोर्ट मांगी है।
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कोर्ट में दूसरा प्रार्थनापत्र शमी पुत्र अख्तर निवासी मोहल्ला नवाब बड्डू नगर की ओर से दायर किया गया है। इसमें 46 लोगों को नामजद करते हुए अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है। इस प्रार्थना पत्र पर न्यायालय ने कोतवाली पुलिस से 28 मार्च तक रिपोर्ट मांगी है। इसमें विशाल ठाकुर, संकल्प, अनुकल्प, प्रदीप, कमल, सुभाष, प्रदीप गुप्ता, सत्यनारायन, अशोक, मिथुन, आर्यन, चुनमुन, राजा, मधुर, प्रसून, अचल, सिद्धार्थ, अभिषेक गुप्ता, विवेक, अशोक, अर्जुन, राजीव, जीतू, राजवीर, धनंजय, सुरेश, सतीश, गुड्डू, सुनील, महेंद्र, मनोज, शीबू, बॉबी, जितेंद्र, गौरव, हनी, मनी, आशीष, जंगबहादुर, योगेंद्र, कबीर, संजीव यदुवंशी, सिद्धार्थ, हृदेश, कुल्दीप, राहुल, विशाल, विपिन, अमित, भगवान दास, दीपू सहित अन्य अज्ञात लोगों का जिक्र किया गया है।
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व्हाट्स पर वायरल होने से मची है खलबली
-मुकदमा दर्ज कराने के लिए प्रार्थना पत्र न्यायालय में दिए जाने से लोगों में खलबली है। इनमें अधिवक्ता का नाम आने से युवा अधिवक्ता भी आक्रोशित हैं। न्यायालय में दायर किए गए प्रार्थना पत्रों की प्रतियां व्हाट्स एप पर भी वायरल हो चुकी हैं। इससे और ज्यादा हलचल मच गई है। जिन लोगों के नाम इन प्रार्थना पत्रों में शामिल आए हैं वे जैसे-तैसे अपने बचाव की तैयारी में जुटे हैं।
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