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समस्याओें के निदान को बने किसान आयोग
Updated Thu, 29 Jun 2017 11:37 PM IST
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- फोटो : Demo Pic
मथुरा। राष्ट्रीय किसान मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर दीक्षित ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए किसान आयोग का गठन होना चाहिए। बगैर आयोग के गठन के अन्नदाताओं की समस्याओं का समाधान होने वाला नहीं है। ।
शेखर दीक्षित ने कहा कि कर्ज माफी से किसानों के हालात बदलने वाले नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि वह किसान की फसल का उचित मूल्य दिलाने, फसल का सस्ती दर पर भंडारण कराने और फसल की लागत मूल्य कम करने के प्रयास करे। कहा कि 70 साल में सरकार किसानों की फसल का उचित मूल्य तक नहीं दिला सकी।
बताया कि 1946 में अंग्रेजों ने पहला वेतन आयोग लागू किया था तब छोटे से छोटे कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 35 रुपये प्रतिमाह था, जबकि उस समय गेहूं की कीमत 1 रुपये 30 पैसे था। आज सांतवा वेतन आयोग लागू हो गया हैं। प्रतिमाह पगार 27 हजार रुपये हो गई है। पर, गेहूं का मूल्य मात्र 16 रुपये ही पहुंचा है। कहा कि अगर किसान आयोग का गठन उस समय हो जाता तो आज गेंहू का दाम 84 रुपये प्रति किलोग्राम होता।
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शेखर दीक्षित ने कहा कि कर्ज माफी से किसानों के हालात बदलने वाले नहीं हैं। सरकार को चाहिए कि वह किसान की फसल का उचित मूल्य दिलाने, फसल का सस्ती दर पर भंडारण कराने और फसल की लागत मूल्य कम करने के प्रयास करे। कहा कि 70 साल में सरकार किसानों की फसल का उचित मूल्य तक नहीं दिला सकी।
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बताया कि 1946 में अंग्रेजों ने पहला वेतन आयोग लागू किया था तब छोटे से छोटे कर्मचारी का न्यूनतम वेतन 35 रुपये प्रतिमाह था, जबकि उस समय गेहूं की कीमत 1 रुपये 30 पैसे था। आज सांतवा वेतन आयोग लागू हो गया हैं। प्रतिमाह पगार 27 हजार रुपये हो गई है। पर, गेहूं का मूल्य मात्र 16 रुपये ही पहुंचा है। कहा कि अगर किसान आयोग का गठन उस समय हो जाता तो आज गेंहू का दाम 84 रुपये प्रति किलोग्राम होता।
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