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ताज पर 18 दिनों में 90 फीसदी घटे सैलानी
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आगरा। बेकाबू कोरोना की रफ्तार के साथ जनवरी के पहले पखवाड़े में ताजमहल पर सैलानियों में भारी कमी आई। अब 6 दिनों से कड़ाके की सर्दी और संक्रमण रोकने के लिए बने नए नियमों के डर से सैलानी ताज पर बेहद कम संख्या में आ रहे हैं। एक जनवरी से 19 जनवरी के बीच सैलानियों में 90 फीसदी तक की गिरावट आ चुकी है। साल के पहले दिन ताज पर 37,834 टिकट बिके थे, लेकिन 40 हजार से ज्यादा सैलानी थे। अब उनकी संख्या महज 4073 रह गई है। 90 फीसदी की इस गिरावट ने शहर के होटल, एंपोरियम, रेस्टोरेंट, गाइड और ट्रैवल से जुड़े लोगों को जोर का झटका दिया है।
दिसंबर में ताज पर सैलानियों की संख्या 30 से 35 हजार तक प्रतिदिन थी, जो नए साल के पहले दिन बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गई। एक जनवरी के बाद संक्रमण बेकाबू हुआ और पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी तो राज्य सरकारों ने प्रतिबंध लगाने शुरू किए। बस उसके बाद से ही ताज पर पर्यटकों के कदम थम गए। न केवल ताज, बल्कि अन्य स्मारकों पर बेहद बुरा असर पड़ा है। फतेहपुर सीकरी में महज 95 पर्यटक दिन भर में बुधवार को पहुंचे। इसी तरह महताब बाग, एत्माद्दौला, मरियम टूम, रामबाग जैसे स्मारकों पर दो अंकों में ही पर्यटकों की संख्या रही।
केवल एक महीने ही पर्यटक अच्छी संख्या में आए, जब लगा कि कोरोना से उबर सकते हैं, लेकिन फिर वही हाल हो गया। अब बिजली का बिल भी नहीं निकल पाएगा। कई होटलों ने अब खर्च ज्यादा आने से होटल ही बंद कर दिए हैं। - गौरव चौहान, होटल उद्यमी
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पूरे 15 दिन से एक भी पर्यटक के साथ गाइड के रूप में नहीं जा पाए हैं। जो पर्यटक आ रहे हैं, वह एक्सप्रेसवे से एक या दो घंटे के लिए जल्दबाजी में घूमकर जा रहे हैं। वह गाइड, होटल, रेस्टोरेंट का उपयोग नहीं कर रहे। - रिजवान, गाइड
1 जनवरी : 37, 834
9 जनवरी : 11238
16 जनवरी : 7402
19 जनवरी 4073
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दिसंबर में ताज पर सैलानियों की संख्या 30 से 35 हजार तक प्रतिदिन थी, जो नए साल के पहले दिन बढ़कर 40 हजार तक पहुंच गई। एक जनवरी के बाद संक्रमण बेकाबू हुआ और पूरे देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या एकाएक बढ़ी तो राज्य सरकारों ने प्रतिबंध लगाने शुरू किए। बस उसके बाद से ही ताज पर पर्यटकों के कदम थम गए। न केवल ताज, बल्कि अन्य स्मारकों पर बेहद बुरा असर पड़ा है। फतेहपुर सीकरी में महज 95 पर्यटक दिन भर में बुधवार को पहुंचे। इसी तरह महताब बाग, एत्माद्दौला, मरियम टूम, रामबाग जैसे स्मारकों पर दो अंकों में ही पर्यटकों की संख्या रही।
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केवल एक महीने ही पर्यटक अच्छी संख्या में आए, जब लगा कि कोरोना से उबर सकते हैं, लेकिन फिर वही हाल हो गया। अब बिजली का बिल भी नहीं निकल पाएगा। कई होटलों ने अब खर्च ज्यादा आने से होटल ही बंद कर दिए हैं। - गौरव चौहान, होटल उद्यमी
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पूरे 15 दिन से एक भी पर्यटक के साथ गाइड के रूप में नहीं जा पाए हैं। जो पर्यटक आ रहे हैं, वह एक्सप्रेसवे से एक या दो घंटे के लिए जल्दबाजी में घूमकर जा रहे हैं। वह गाइड, होटल, रेस्टोरेंट का उपयोग नहीं कर रहे। - रिजवान, गाइड
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