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Kasganj: बारिश से खेतों में ही बर्बाद हो गया 10 हजार क्विंटल आलू का बीज, अब किसान परेशान
Sun, 16 Oct 2022 08:03 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 16 Oct 2022 08:03 AM IST
सार
लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया। बुवाई के लिए खेतों को तैयार करने, बीज खरीदने से लेकर खाद लगाने तक की लागत बर्बाद हो गई। इस बर्बादी ने किसानों की कमर तोड़ दी है।
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आलू
- फोटो : Istock
विस्तार
कासगंज में छह दिनों तक लगातार बारिश ने आलू की अगेती फसल पर कहर बरपा दिया। किसानों का 9 हजार क्विंटल आलू का बीज अंकुरित होने से पहले खेतों में बर्बाद हो गया। किसानों को लगभग 1.25 करोड़ का नुकसान हुआ है। इससे किसान मुश्किल में हैं। अब नए सिरे से फसल की तैयारी की जा रही है।
अच्छे भाव मिलने से किसानों का रुझान आलू की अगेती फसल की ओर तेजी से बढ़ा है। जिले में लगभग 200 हेक्टेयर में आलू की अगेती फसल की जाती है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में बुवाई होती है। इस बार भी किसानों ने बाजार से 800 रुपये क्विंटल के भाव से बीज की खरीदारी कर बुवाई की थी। एक हेक्टेयर में लगभग 45 क्विंटल बीज की बुवाई होती है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया। बुवाई के लिए खेतों को तैयार करने, बीज खरीदने से लेकर खाद लगाने तक की लागत बर्बाद हो गई। इस बर्बादी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दोबारा फसल करने में मेहनत के साथ पैसा भी लगाना पड़ेगा।
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अच्छे भाव मिलने से किसानों का रुझान आलू की अगेती फसल की ओर तेजी से बढ़ा है। जिले में लगभग 200 हेक्टेयर में आलू की अगेती फसल की जाती है। अक्तूबर के पहले सप्ताह में बुवाई होती है। इस बार भी किसानों ने बाजार से 800 रुपये क्विंटल के भाव से बीज की खरीदारी कर बुवाई की थी। एक हेक्टेयर में लगभग 45 क्विंटल बीज की बुवाई होती है। लगातार बारिश से खेतों में पानी भर गया। इससे बीज अंकुरित होने से पहले ही नष्ट हो गया। बुवाई के लिए खेतों को तैयार करने, बीज खरीदने से लेकर खाद लगाने तक की लागत बर्बाद हो गई। इस बर्बादी ने किसानों की कमर तोड़ दी है। दोबारा फसल करने में मेहनत के साथ पैसा भी लगाना पड़ेगा।
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बीज बर्बाद होने से आलू की कीमतों में आ गई तेजी
अगेती फसल का बीज नष्ट हो जाने से आलू की कीमतों में भी उछाल आ गया है। आलू का बीज 200 रुपये क्विंटल तक महंगा हो गया है। वहीं बाजार में बिकने वाले आलू के दाम 400 रुपये क्विंटल तक चढ़ गए हैं।
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