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भगवान आदिनाथ का 108 कलशों से किया महामस्तिकाभिषेक
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फिरोजाबाद। नव वर्ष के उपलक्ष्य में जैन अतिशय क्षेत्र चंद्रवाड़ में भगवान चंद्रप्रभु और पार्श्वनाथ का जन्म-तप कल्याणक को आनंद महोत्सव के रूप में मनाया गया। भगवान आदिनाथ, चंद्रप्रभु और पार्श्वनाथ का 108 कलशों से महामस्तिकाभिषेक किया गया।
फिरोजाबाद के अलावा मैनपुरी, टूंडला सहित आसपास क्षेत्रों से भक्त बसों से द्वार पहुंचे। सर्वप्रथम मंदिर में श्रीजी की शांतिधारा की गई। भगवान चंद्रप्रभु, पार्श्वनाथ की शांतिधारा का सौभाग्य प्रवीन जैन को मिला। 108 कलशों से भगवान आदिनाथ भगवान चंद्रप्रभु, पार्श्वनाथ का महामस्तिकाभिषेक किया।
पहला कलश से अभिषेक दिनेशचंद्र जैन और दूसरे कलश से सोमकुमार जैन ने महामस्तिकाभिषेक किया। भगवान चंद्रप्रभु विधान का आयोजन किया गया। विधानाचार्य पांडेय ऋषभ शास्त्री ने मंत्र पढ़कर विधान कराया। भक्तों ने भी मंत्रोच्चारण कर श्रीजी के समक्ष आहुतियां दीं। सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान अरुण जैन ललितेश जैन, वीरेंद्र जैन, योगेंद्र प्रकाश जैन, अजय जैन आदि उपस्थित रहे।
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फिरोजाबाद के अलावा मैनपुरी, टूंडला सहित आसपास क्षेत्रों से भक्त बसों से द्वार पहुंचे। सर्वप्रथम मंदिर में श्रीजी की शांतिधारा की गई। भगवान चंद्रप्रभु, पार्श्वनाथ की शांतिधारा का सौभाग्य प्रवीन जैन को मिला। 108 कलशों से भगवान आदिनाथ भगवान चंद्रप्रभु, पार्श्वनाथ का महामस्तिकाभिषेक किया।
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पहला कलश से अभिषेक दिनेशचंद्र जैन और दूसरे कलश से सोमकुमार जैन ने महामस्तिकाभिषेक किया। भगवान चंद्रप्रभु विधान का आयोजन किया गया। विधानाचार्य पांडेय ऋषभ शास्त्री ने मंत्र पढ़कर विधान कराया। भक्तों ने भी मंत्रोच्चारण कर श्रीजी के समक्ष आहुतियां दीं। सामूहिक आरती का आयोजन किया गया। इस दौरान अरुण जैन ललितेश जैन, वीरेंद्र जैन, योगेंद्र प्रकाश जैन, अजय जैन आदि उपस्थित रहे।
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