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शासन की हठधर्मिता के खिलाफ गरजे लेखपाल
Updated Fri, 13 Jul 2018 11:29 PM IST
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कासगंज। 24 दिन से लेखपालों की अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। शासन के कड़े रुख के बाद भी लेखपाल हड़ताल वापस लेने को राजी नहीं हैं। हड़ताली लेखपालों ने एकजुटता दिखाते हुए स्पष्ट किया कि मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल वापस नहीं ली जाएगी।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता लेखपाल संघ के सहावर तहसील अध्यक्ष रामौतार शाक्य ने कहा कि सरकार ने लेखपालों से वादाखिलाफी की है। मुख्यमंत्री लेखपाल संघ की वार्ता में मांगों पर आश्वासन दे चुके हैं लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ की सभी मांगें जायज हैं।
लेखपाल संघ के जिलामंत्री विनय सक्सेना ने कहा कि लेखपालों की सभी मांगें जायज हैं। सरकार को यह मांगें तुरंत माननी चाहिए, जिससे हड़ताल समाप्त हो। सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। सर्वेश कुमार, दीपक भारद्वाज, सुदीप चौहान, अनुराधा दीक्षित, डोली सोलंकी, शिवांजलि भारद्वाज, अशोक वर्मा, प्रदीप सक्सेना, दिनेश कुमार, नाहर सिंह, राजेश यादव, रन सिंहे आदि लेखपाल मौजूद रहे।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता लेखपाल संघ के सहावर तहसील अध्यक्ष रामौतार शाक्य ने कहा कि सरकार ने लेखपालों से वादाखिलाफी की है। मुख्यमंत्री लेखपाल संघ की वार्ता में मांगों पर आश्वासन दे चुके हैं लेकिन उनका क्रियान्वयन नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि लेखपाल संघ की सभी मांगें जायज हैं।
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लेखपाल संघ के जिलामंत्री विनय सक्सेना ने कहा कि लेखपालों की सभी मांगें जायज हैं। सरकार को यह मांगें तुरंत माननी चाहिए, जिससे हड़ताल समाप्त हो। सरकार द्वारा मांगें नहीं माने जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। सर्वेश कुमार, दीपक भारद्वाज, सुदीप चौहान, अनुराधा दीक्षित, डोली सोलंकी, शिवांजलि भारद्वाज, अशोक वर्मा, प्रदीप सक्सेना, दिनेश कुमार, नाहर सिंह, राजेश यादव, रन सिंहे आदि लेखपाल मौजूद रहे।
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