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बारिश ने सुहाना किया मौसम, जलभराव बना मुसीबत
Updated Mon, 02 Jul 2018 10:53 PM IST
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फिरोजाबाद। सुहागनगरी में सोमवार को हुई रिमझिम बरसात से शहर के कई इलाकों में जलभराव हो गया। हालांकि बारिश से मौसम बदला तो लोगों ने भी लुत्फ उठाया। युवा बाइकों पर फर्राटा भरते नजर आए। नगर निगम की पाइप लाइन डालने के चलते जगह-जगह गड्ढे खुदे पड़े हैं बारिश में इनमें ही जलभराव रहा।
शहर की जनता तीन महीने से भीषण गर्मी से परेशान है। जून माह में आसमान से बरसती आग से हर कोई राहत का इंतजार कर रहा था। जुलाई माह के दूसरे दिन सुबह छह बजे से बारिश हुई, जिससे आमजन ने राहत की महसूस की। बरसात शुरू होते ही बच्चे, युवा छतों पर चढ़ गए।
काफी देर तक बरसात का मजा लिया। जुलाई माह के पहले दिन स्कूल खुलने के कारण बच्चे रिमझिम बरसात में भीगते हुए घर से स्कूल तक पहुंचे।
सुबह छह बजे से 11 बजे तक बरसात होने के कारण जिला अस्पताल सर्विस रोड, बोधारम, नगला बरी, कोहिनूर रोड, करबला, गांधीपार्क, चंद्रवार गेट सहित कई गली मोहल्लों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई।
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पाइप लाइन डलने के बाद सड़कों पर पैचवर्क न होने से मायापुरी, कबीर नगर खेड़ा, ककरऊ, हिमायूंपुर बोधाश्रम रोड राहगीरों को गुजरने में परेशानी हुई।
सीवर चैंबर कार्य के चलते संतनगर, रामनगर, सैलई, सम्राट नगर, कबीर नगर, विभव नगर, हिमायूंपुर, अब्बास नगर में सड़कों पर गहरे गड्ढे होने के कारण उनमें पानी भरने से क्षेत्र की जनता परेशान दिखी।
गड्ढे में फंसा स्कूली रिक्शा, बीच में उतारने पड़े बच्चे
जलनिगम ने शहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने के बाद अभी तक सड़कों को पैचवर्क नहीं किया, जिससे बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जुलाई माह के पहले सोमवार को रिमझिम बरसात में बच्चे स्कूल जाने को निकले लेकिन रास्ते में उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी। घेर आसग्रान में सड़कें खुदी होने के कारण एक स्कूल का रिक्शा बीच सड़क पर फंस गया।
मैनहोल के ऊपर रखे बैरियर दे रहे हादसों को निमंत्रण
नगर निगम प्रशासन की लापरवाही बरसात में राहगीरों के लिए बड़े हादसे का सबब बन सकती है। जिला अस्पताल से लेकर, जलेसर रोड, बोधाश्रम, कोटला चुंगी, नगला बरी, जाटवपुरी से रसूलपुर तक दोनों साइड दर्जनों मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्हें बंद कराने की बजाए उस पर बैरियर लगा दिए। वहीं चार दिन बाद भी स्टेशन रोड से नाले की सिल्ट नहीं उठ सकी। सोमवार को बरसात शुरू होने के साथ ही नाले से निकाली गई सिल्ट पुन: नाले में समा गई।
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शहर की जनता तीन महीने से भीषण गर्मी से परेशान है। जून माह में आसमान से बरसती आग से हर कोई राहत का इंतजार कर रहा था। जुलाई माह के दूसरे दिन सुबह छह बजे से बारिश हुई, जिससे आमजन ने राहत की महसूस की। बरसात शुरू होते ही बच्चे, युवा छतों पर चढ़ गए।
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काफी देर तक बरसात का मजा लिया। जुलाई माह के पहले दिन स्कूल खुलने के कारण बच्चे रिमझिम बरसात में भीगते हुए घर से स्कूल तक पहुंचे।
सुबह छह बजे से 11 बजे तक बरसात होने के कारण जिला अस्पताल सर्विस रोड, बोधारम, नगला बरी, कोहिनूर रोड, करबला, गांधीपार्क, चंद्रवार गेट सहित कई गली मोहल्लों में जलभराव की समस्या खड़ी हो गई।
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पाइप लाइन डलने के बाद सड़कों पर पैचवर्क न होने से मायापुरी, कबीर नगर खेड़ा, ककरऊ, हिमायूंपुर बोधाश्रम रोड राहगीरों को गुजरने में परेशानी हुई।
सीवर चैंबर कार्य के चलते संतनगर, रामनगर, सैलई, सम्राट नगर, कबीर नगर, विभव नगर, हिमायूंपुर, अब्बास नगर में सड़कों पर गहरे गड्ढे होने के कारण उनमें पानी भरने से क्षेत्र की जनता परेशान दिखी।
गड्ढे में फंसा स्कूली रिक्शा, बीच में उतारने पड़े बच्चे
जलनिगम ने शहर में अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने के बाद अभी तक सड़कों को पैचवर्क नहीं किया, जिससे बच्चों को भी परेशानी उठानी पड़ी। जुलाई माह के पहले सोमवार को रिमझिम बरसात में बच्चे स्कूल जाने को निकले लेकिन रास्ते में उन्हें भी परेशानी उठानी पड़ी। घेर आसग्रान में सड़कें खुदी होने के कारण एक स्कूल का रिक्शा बीच सड़क पर फंस गया।
मैनहोल के ऊपर रखे बैरियर दे रहे हादसों को निमंत्रण
नगर निगम प्रशासन की लापरवाही बरसात में राहगीरों के लिए बड़े हादसे का सबब बन सकती है। जिला अस्पताल से लेकर, जलेसर रोड, बोधाश्रम, कोटला चुंगी, नगला बरी, जाटवपुरी से रसूलपुर तक दोनों साइड दर्जनों मैनहोल खुले पड़े हैं। उन्हें बंद कराने की बजाए उस पर बैरियर लगा दिए। वहीं चार दिन बाद भी स्टेशन रोड से नाले की सिल्ट नहीं उठ सकी। सोमवार को बरसात शुरू होने के साथ ही नाले से निकाली गई सिल्ट पुन: नाले में समा गई।