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सूनसान घर देख पिता ने वारदात को दिया अंजाम
Updated Mon, 19 Mar 2018 11:01 PM IST
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सूनसान घर देख पिता ने वारदात को दिया अंजाम
- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
ग्राम हरसेना में शराबी पिता ने अपनी मासूम बच्ची की हत्या की घटना को योजनापूर्वक अंजाम दिया। सूनसान घर होने का लाभ उठाते हुए उसने दोपहर के समय बच्ची की हत्या की वारदात को अंजाम दे डाला। हत्यारे पिता की योजना बच्ची के जले शव को एक बड़े थैले में ले जाकर ठिकाने लगाने की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया।
दोपहर के समय घर पर कोई नहीं था। उसकी मां सुमित्रा करीब 12 बजे घर का कामकाज निपटाकर पशुओं के लिए जंगल से घास लेने चली गई। उसके भाई विनोद और प्रमोद तवालपुर के ईंट भट्टे पर मजदूरी करने के लिए गए हुए थे। उसकी दो बड़ी बहनें पढ़ने स्कूल गईं थीं। इसी दौरान पिता महिपाल शराब के नशे में धुत होकर पहुंचा और उसने बच्ची सोमवती खेलती हुई मिली। वह बच्ची को अंदर कमरे में ले गया। उसने कमरा बंद करके बच्ची को बोरी में डालकर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। बच्ची की चीखपुकार के साथ जब कमरे से धुआं निकला तब लोगों को मामले की जानकारी हुई और आरोपी पिता भाग गया। बच्ची के शव के पास ही एक बड़ा थैला और मिट्टी के तेल की कैन व माचिस भी मिली। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी पिता बच्ची के जले के शव को थैले में ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना में था। पुलिस ने घटनास्थल से सारा सामान बरामद करके कब्जे में ले लिया है। मां सुमित्रा का कहना है कि यदि वह घास लेने नहीं गई होती तो बच्ची की जान नहीं जाने देती। वहीं दादी डलो देवी को भी यही अफसोस था कि वह घर के बाहर खड़ी थी। उन्हें घटना का तनिक एहसास नहीं था। जब धुआं उठता देखा और चीख सुनी तब वह घर की ओर भागी।
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ग्राम हरसेना में शराबी पिता ने अपनी मासूम बच्ची की हत्या की घटना को योजनापूर्वक अंजाम दिया। सूनसान घर होने का लाभ उठाते हुए उसने दोपहर के समय बच्ची की हत्या की वारदात को अंजाम दे डाला। हत्यारे पिता की योजना बच्ची के जले शव को एक बड़े थैले में ले जाकर ठिकाने लगाने की थी, लेकिन वह ऐसा नहीं कर पाया।
दोपहर के समय घर पर कोई नहीं था। उसकी मां सुमित्रा करीब 12 बजे घर का कामकाज निपटाकर पशुओं के लिए जंगल से घास लेने चली गई। उसके भाई विनोद और प्रमोद तवालपुर के ईंट भट्टे पर मजदूरी करने के लिए गए हुए थे। उसकी दो बड़ी बहनें पढ़ने स्कूल गईं थीं। इसी दौरान पिता महिपाल शराब के नशे में धुत होकर पहुंचा और उसने बच्ची सोमवती खेलती हुई मिली। वह बच्ची को अंदर कमरे में ले गया। उसने कमरा बंद करके बच्ची को बोरी में डालकर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग लगा दी। बच्ची की चीखपुकार के साथ जब कमरे से धुआं निकला तब लोगों को मामले की जानकारी हुई और आरोपी पिता भाग गया। बच्ची के शव के पास ही एक बड़ा थैला और मिट्टी के तेल की कैन व माचिस भी मिली। पुलिस का मानना है कि हत्यारोपी पिता बच्ची के जले के शव को थैले में ले जाकर ठिकाने लगाने की योजना में था। पुलिस ने घटनास्थल से सारा सामान बरामद करके कब्जे में ले लिया है। मां सुमित्रा का कहना है कि यदि वह घास लेने नहीं गई होती तो बच्ची की जान नहीं जाने देती। वहीं दादी डलो देवी को भी यही अफसोस था कि वह घर के बाहर खड़ी थी। उन्हें घटना का तनिक एहसास नहीं था। जब धुआं उठता देखा और चीख सुनी तब वह घर की ओर भागी।
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