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संभलकर चलें, राह देख रहे हैं आपके बच्चे
Updated Thu, 15 Feb 2018 11:22 PM IST
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ट्रिपल राइडिंग
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। सावधानी हटी दुर्घटना घटी, दुर्घटना से भली देर है, सुरक्षित होकर यात्रा करिए घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। इस तरह के स्लोगन सड़क किनारे लिखे मिल जाएंगे, ताकि लोग वाहनों को सावधानी से चलाएं। लेकिन इन स्लोगन का अनुसरण कम लोग ही करते हैं।
तभी तो आए दिन हो रहे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। तेज रफ्तार, ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट के चलना लोगों ने पैशन बना लिया है। थोड़ी सी नासमझी और मनमानी पूरे परिवार को गम और जिंदगी भर का दर्द दे जाती है।
इन कारणों पर चिंतन जरूरी
दो पहिया चालकों का हेलमेट न लगाने और ट्रिपिल राइडिंग के कारण सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं। कार चालकों का सीट बेल्ट न लगाना और रफ्तार का जुनून भी जानलेवा साबित हो रहा है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना भी हादसे का कारण बन रहा है।
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हेलमेट नहीं होने से सिर को खतरा
सड़क हादसों में सबसे ज्यादा सिर की चोट से मौत के मामले सामने आते हैं। इससे साफ है कि हेलमेट नहीं पहनने के चलते हादसों में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं।
शराब पीकर गाड़ी चलाना भी जानलेवा
बदलते दौर में शराब पीकर वाहन चलाना शगल बन रहा है। यह भी हादसों की बड़ी वजह है। इससे आप अपनी जिंदगी के साथ ही दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं।
ट्रिपल राइडिंग भी बन रही वजह
हादसों के पीछे कभी-कभी ट्रिपल राइडिंग भी वजह बनकर सामने आती है। यूं तो यह नियम का उल्लंघन है और कार्रवाई होती है, लेकिन लोग फिर भी बाज नहीं आते।
उम्र्र 14 और रफ्तार 140
अक्सर नाबालिग बाइक पर बैठकर फर्राटा भरते नजर आते हैं। अभिभावक नाबालिग को बाइक का प्रशिक्षण देते हुए खुश जरूर होते हैं, लेकिन वे अपने बच्चों को नियमों का ज्ञान नहीं कराते। नाबालिग नियमों के अभाव में वाहन को फर्राटे से दौड़ाते हैं और हादसों का शिकार होते हैं। इसके बाद पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता।
रखी जा रही है नजर
यातायात प्रभारी बचान सिंह कहते हैं कि यातायात नियमों के पालन के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाता है और कार्रवाईयां भी की जाती हैं। हादसों की वजहों के प्रति लोगों को खुद भी जागरूक होकर सोच बदलने और नियम पालन के प्रति सचेत होने की जरूरत है। पुलिस वाहन चालकों पर नजर रख रही है।
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तभी तो आए दिन हो रहे सड़क हादसों में इजाफा हो रहा है। तेज रफ्तार, ट्रिपल राइडिंग और बिना हेलमेट के चलना लोगों ने पैशन बना लिया है। थोड़ी सी नासमझी और मनमानी पूरे परिवार को गम और जिंदगी भर का दर्द दे जाती है।
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इन कारणों पर चिंतन जरूरी
दो पहिया चालकों का हेलमेट न लगाने और ट्रिपिल राइडिंग के कारण सबसे ज्यादा मौतें हो रही हैं। कार चालकों का सीट बेल्ट न लगाना और रफ्तार का जुनून भी जानलेवा साबित हो रहा है। वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना भी हादसे का कारण बन रहा है।
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हेलमेट नहीं होने से सिर को खतरा
सड़क हादसों में सबसे ज्यादा सिर की चोट से मौत के मामले सामने आते हैं। इससे साफ है कि हेलमेट नहीं पहनने के चलते हादसों में सबसे ज्यादा मौतें होती हैं।
शराब पीकर गाड़ी चलाना भी जानलेवा
बदलते दौर में शराब पीकर वाहन चलाना शगल बन रहा है। यह भी हादसों की बड़ी वजह है। इससे आप अपनी जिंदगी के साथ ही दूसरों की जिंदगी को भी खतरे में डाल रहे हैं।
ट्रिपल राइडिंग भी बन रही वजह
हादसों के पीछे कभी-कभी ट्रिपल राइडिंग भी वजह बनकर सामने आती है। यूं तो यह नियम का उल्लंघन है और कार्रवाई होती है, लेकिन लोग फिर भी बाज नहीं आते।
उम्र्र 14 और रफ्तार 140
अक्सर नाबालिग बाइक पर बैठकर फर्राटा भरते नजर आते हैं। अभिभावक नाबालिग को बाइक का प्रशिक्षण देते हुए खुश जरूर होते हैं, लेकिन वे अपने बच्चों को नियमों का ज्ञान नहीं कराते। नाबालिग नियमों के अभाव में वाहन को फर्राटे से दौड़ाते हैं और हादसों का शिकार होते हैं। इसके बाद पछताने के अलावा कुछ नहीं बचता।
रखी जा रही है नजर
यातायात प्रभारी बचान सिंह कहते हैं कि यातायात नियमों के पालन के लिए लोगों को जागरूक भी किया जाता है और कार्रवाईयां भी की जाती हैं। हादसों की वजहों के प्रति लोगों को खुद भी जागरूक होकर सोच बदलने और नियम पालन के प्रति सचेत होने की जरूरत है। पुलिस वाहन चालकों पर नजर रख रही है।