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राधावल्लभ लाल ने दिए सखी वेश में दर्शन
Updated Wed, 20 Dec 2017 08:06 PM IST
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भक्तों को दर्शन देते राधावल्लभ
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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वृंदावन (मथुरा)। ठाकुर राधावल्लभ मंदिर में बुधवार से पारंपरिक खिचड़ी महोत्सव का शुभारंभ हो गया। महोत्सव के अंतर्गत ठाकुर राधावल्लभ लाल महाराज ने सखी वेश में भक्तों को दर्शन दिए। ठाकुरजी की झलक भर पाने के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। सेवायतों ने भक्तों को दिव्य खिचड़ी का प्रसाद वितरित किया
बुधवार सुबह जैसे ही मंदिर के पट खुले संपूर्ण मंदिर प्रांगण ठाकुर राधावल्लभलाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। झांकी के दर्शन के समय में संप्रदायाचार्यों द्वारा रचित वाणियों का सस्वर गायन भी किया गया। राकेश मुखिया ने समाज गायन किया। मंदिर के सेवायत चंचल गोस्वामी, श्याम गोस्वामी, चंदन गोस्वामी ने बताया कि मंगला दर्शन में होने वाले खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी प्रतिदिन अलग-अलग वेश में दर्शन देते हैं।
पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू हुए महोत्सव में ठाकुरजी के समक्ष मेवा के साथ ही खिचड़ी का भोग लगाया गया। खिचड़ी महोत्सव में ही ठाकुरजी को खिचड़ी के साथ-साथ गजक, रेवड़ी, मक्खन, मिश्री, रबड़ी, कुलिया, चिपिया आदि मेवा निवेदित की गईं।
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बुधवार सुबह जैसे ही मंदिर के पट खुले संपूर्ण मंदिर प्रांगण ठाकुर राधावल्लभलाल के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। झांकी के दर्शन के समय में संप्रदायाचार्यों द्वारा रचित वाणियों का सस्वर गायन भी किया गया। राकेश मुखिया ने समाज गायन किया। मंदिर के सेवायत चंचल गोस्वामी, श्याम गोस्वामी, चंदन गोस्वामी ने बताया कि मंगला दर्शन में होने वाले खिचड़ी महोत्सव के अंतर्गत ठाकुरजी प्रतिदिन अलग-अलग वेश में दर्शन देते हैं।
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पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि से शुरू हुए महोत्सव में ठाकुरजी के समक्ष मेवा के साथ ही खिचड़ी का भोग लगाया गया। खिचड़ी महोत्सव में ही ठाकुरजी को खिचड़ी के साथ-साथ गजक, रेवड़ी, मक्खन, मिश्री, रबड़ी, कुलिया, चिपिया आदि मेवा निवेदित की गईं।
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