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करहल में टिकट घोषित होते ही सपा में बगावत
Updated Fri, 03 Nov 2017 11:32 PM IST
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सपा के घोषित प्रत्याशी के खिलाफ नारेबाजी करते लोग
- फोटो : amar ujala
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मैनपुरी/करहल। समाजवादी पार्टी में नगर पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन को टिकट दे देने के बाद बगावत के स्वर फूटने लगे हैं। गुरुवार रात में सूची जारी होते ही पूर्व चेयरमैन चौधरी अब्दुल नईम ने बगावती तेवर अपना लिए। शुक्रवार सुबह समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। साथ ही कहा पार्टी के धोखा देने के बाद अब पत्नी फरजाना बेगम को चुनाव लड़वाएंगे।
करहल नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार रात सपा ने पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन को टिकट देने का ऐलान सपा ने किया। दूसरी ओर पूर्व चेयमैन अब्दुल नईम खेमे में इससे मायूसी छा गई। साथ ही उनके तेवर सपा के प्रति बगावत हो गये। इसकी वजह भी है। नईम नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए पत्नी को टिकट मिलने को लेकर काफी पहले से आश्वस्त थे। पार्टी के उच्चपदस्थ नेताओं ने उन्हें पक्का भरोसा भी दिया था।
लंबे अर्से से चुनावी मुहिम चलाते आ रहे थे। पहले वह स्वयं इस पद के लिए दावेदार बनकर संपर्क कर रहे थे। अचानक चक्रानुक्त्रस्म आरक्षण में जब अध्यक्ष सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई तो उन्होंने अपनी पत्नी फरजाना बेगम को मैदान में उतार दिया। नगर में मुख्य मार्ग, चौराहों और गली कूंचों में पत्नी पोस्टर और बैनर तक लगवा दिया।
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इतना ही नहीं, मोहल्ला बिरितियान और मोहल्ला काजी में चुनाव कार्यालय तक खोल दिए। उनका कहना था कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें टिकट मिलने का आश्वासन दिया था। इसके बाद अंतिम समय पर उन्हें पार्टी ने धोखा दिया और टिकट निकहत परवीन को दे दी।
उनका कहना था कि पार्टी को टिकट नहीं देना तो भरोसे में नहीं रखना चाहिए था। अब जब चुनावी जंग में इतना आगे बढ़ चुके हैं तो पीछे हटने का सवाल ही नहीं। चौधरी नईम ने कहा कि सपा हाईकमान फैसले पर फिर से विचार करे। अगर मेरी पत्नी को टिकट नहीं मिला तो भी हम चुनाव लड़ेंगे।
यदि ऐसा होता है तो पार्टी ने जिन समीकरणों को ध्यान में रखकर निकहत परवीन को टिकट दी है वो गड़बड़ा जाएंगे। साथ ही पार्टी और प्रत्याशी दोनों के लिए ही परेशानी खड़ी हो सकती है। पार्टी जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी ने जिसे टिकट दिया है। उसे कार्यकर्ता पूरी ताकत से लड़ाएंगे। यदि कोई विद्रोह करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सपा और बसपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सभी की निगाह भाजपा और कांग्रेस पर हैं। सपा-बसपा ने करहल नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
नगर में मुस्लिम मतदाताओं की खासी तादाद है और अपनी इसी ताकत के दम पर उनकी चुनाव में निर्णायक भूमिका रहती है। बता दें कि चुनवा के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि सात नवंबर है और उस दिन तक सभी पार्टियों के टिकट घोषित हो जाएंगे।
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करहल नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए गुरुवार रात सपा ने पूर्व अध्यक्ष निकहत परवीन को टिकट देने का ऐलान सपा ने किया। दूसरी ओर पूर्व चेयमैन अब्दुल नईम खेमे में इससे मायूसी छा गई। साथ ही उनके तेवर सपा के प्रति बगावत हो गये। इसकी वजह भी है। नईम नगर पंचायत अध्यक्ष के लिए पत्नी को टिकट मिलने को लेकर काफी पहले से आश्वस्त थे। पार्टी के उच्चपदस्थ नेताओं ने उन्हें पक्का भरोसा भी दिया था।
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लंबे अर्से से चुनावी मुहिम चलाते आ रहे थे। पहले वह स्वयं इस पद के लिए दावेदार बनकर संपर्क कर रहे थे। अचानक चक्रानुक्त्रस्म आरक्षण में जब अध्यक्ष सीट महिला के लिए आरक्षित हो गई तो उन्होंने अपनी पत्नी फरजाना बेगम को मैदान में उतार दिया। नगर में मुख्य मार्ग, चौराहों और गली कूंचों में पत्नी पोस्टर और बैनर तक लगवा दिया।
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इतना ही नहीं, मोहल्ला बिरितियान और मोहल्ला काजी में चुनाव कार्यालय तक खोल दिए। उनका कहना था कि पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने उन्हें टिकट मिलने का आश्वासन दिया था। इसके बाद अंतिम समय पर उन्हें पार्टी ने धोखा दिया और टिकट निकहत परवीन को दे दी।
उनका कहना था कि पार्टी को टिकट नहीं देना तो भरोसे में नहीं रखना चाहिए था। अब जब चुनावी जंग में इतना आगे बढ़ चुके हैं तो पीछे हटने का सवाल ही नहीं। चौधरी नईम ने कहा कि सपा हाईकमान फैसले पर फिर से विचार करे। अगर मेरी पत्नी को टिकट नहीं मिला तो भी हम चुनाव लड़ेंगे।
यदि ऐसा होता है तो पार्टी ने जिन समीकरणों को ध्यान में रखकर निकहत परवीन को टिकट दी है वो गड़बड़ा जाएंगे। साथ ही पार्टी और प्रत्याशी दोनों के लिए ही परेशानी खड़ी हो सकती है। पार्टी जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने कहा कि पार्टी ने जिसे टिकट दिया है। उसे कार्यकर्ता पूरी ताकत से लड़ाएंगे। यदि कोई विद्रोह करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सपा और बसपा के प्रत्याशी घोषित होने के बाद अब सभी की निगाह भाजपा और कांग्रेस पर हैं। सपा-बसपा ने करहल नगर पंचायत अध्यक्ष पद के लिए प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं।
नगर में मुस्लिम मतदाताओं की खासी तादाद है और अपनी इसी ताकत के दम पर उनकी चुनाव में निर्णायक भूमिका रहती है। बता दें कि चुनवा के लिए नामांकन भरने की अंतिम तिथि सात नवंबर है और उस दिन तक सभी पार्टियों के टिकट घोषित हो जाएंगे।