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अब गुरुजी संभालेंगे मिडडे मील की कमान
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:43 PM IST
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मिड डे मील में मिला सांप का बच्चा
- फोटो : अमर उजाला
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फिरोजाबाद।
नगर क्षेत्र में भी गुरूजी को पढ़ाई की चिंता छोड़कर मिड-डे मील के बर्तन, सिलेंडर, चूल्हा खरीदने में लगना होगा। खाना पकाने के लिए रसोईयों का चयन भी दो दिन में करने के निर्देश दिए हैं। जब ये व्यवस्था पूर्ण हो जाए तो रोज आटा, दाल, सब्जी, मिर्च मसाले का इंतजाम करना होगा। डीएम ने एनजीओ से ठेका समाप्त कर गुरुजी को विद्यालय में एमडीएम बनवाने की जिम्मेदारी दे दी।
अभी तक नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में एनजीओ से मिड-डे मील का वितरण किया जाता था। एनजीओ की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले गुरूजी को अब देहात क्षेत्रों की तरह खुद अच्छी गुणवत्ता का मिड-डे मील पकवाना होगा।
विद्यालय प्रबंध समिति के नाम ज्वाइंट बैंक खाते कराने होंगे।
एनजीओ पर कार्रवाई के बाद डीएम नेहा शर्मा ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। फिरोजाबाद नगर क्षेत्र में 80 परिषदीय विद्यालय हैं, इधर एडेड सात हैं। वहीं, शिकोहाबाद नगर क्षेत्र में भी करीब 20 परिषदीय विद्यालय हैं। नगर शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल का कहना है कि प्रधानाध्यापक दो दिन में एसएमसी अध्यक्ष के साथ खाता खुलवा लें।
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मिड-डे मील के चक्कर में अक्सर विवाद होता है। खाते एसएमसी अध्यक्ष या ग्राम प्रधान के नाम से ज्वाइंट होते हैं। अक्सर प्रधानाध्यापकों की शिकायत होती है कि ग्राम प्रधान या एसएमसी अध्यक्ष चेक पर हस्ताक्षर करने का कमीशन मांगते हैं। इस आदेश से गुरूजी का तनाव भी बढ़ गया है।
बैठने को जगह नहीं, कैसे बनेगा एमडीएम
फिरोजाबाद। नगर क्षेत्र के स्कूलों में बैठने को जगह नहीं है। एक कमरे में पांच कक्षाएं संचालित होती हैं। सवाल है कि आखिर उन स्कूलों में एमडीएम कैसे बनेगा। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों में जगह नहीं, निकट के स्कूल में तीन से चार स्कूलों का एमडीएम पकवाया जाएगा।
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नगर क्षेत्र में भी गुरूजी को पढ़ाई की चिंता छोड़कर मिड-डे मील के बर्तन, सिलेंडर, चूल्हा खरीदने में लगना होगा। खाना पकाने के लिए रसोईयों का चयन भी दो दिन में करने के निर्देश दिए हैं। जब ये व्यवस्था पूर्ण हो जाए तो रोज आटा, दाल, सब्जी, मिर्च मसाले का इंतजाम करना होगा। डीएम ने एनजीओ से ठेका समाप्त कर गुरुजी को विद्यालय में एमडीएम बनवाने की जिम्मेदारी दे दी।
अभी तक नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में एनजीओ से मिड-डे मील का वितरण किया जाता था। एनजीओ की गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले गुरूजी को अब देहात क्षेत्रों की तरह खुद अच्छी गुणवत्ता का मिड-डे मील पकवाना होगा।
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विद्यालय प्रबंध समिति के नाम ज्वाइंट बैंक खाते कराने होंगे।
एनजीओ पर कार्रवाई के बाद डीएम नेहा शर्मा ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। फिरोजाबाद नगर क्षेत्र में 80 परिषदीय विद्यालय हैं, इधर एडेड सात हैं। वहीं, शिकोहाबाद नगर क्षेत्र में भी करीब 20 परिषदीय विद्यालय हैं। नगर शिक्षाधिकारी श्रीकांत पटेल का कहना है कि प्रधानाध्यापक दो दिन में एसएमसी अध्यक्ष के साथ खाता खुलवा लें।
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मिड-डे मील के चक्कर में अक्सर विवाद होता है। खाते एसएमसी अध्यक्ष या ग्राम प्रधान के नाम से ज्वाइंट होते हैं। अक्सर प्रधानाध्यापकों की शिकायत होती है कि ग्राम प्रधान या एसएमसी अध्यक्ष चेक पर हस्ताक्षर करने का कमीशन मांगते हैं। इस आदेश से गुरूजी का तनाव भी बढ़ गया है।
बैठने को जगह नहीं, कैसे बनेगा एमडीएम
फिरोजाबाद। नगर क्षेत्र के स्कूलों में बैठने को जगह नहीं है। एक कमरे में पांच कक्षाएं संचालित होती हैं। सवाल है कि आखिर उन स्कूलों में एमडीएम कैसे बनेगा। इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि जिन स्कूलों में जगह नहीं, निकट के स्कूल में तीन से चार स्कूलों का एमडीएम पकवाया जाएगा।