{"_id":"593adc094f1c1ba2238b45be","slug":"81497029641-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजेदारों ने मांगी अमन-चैन की दुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजेदारों ने मांगी अमन-चैन की दुआ
Updated Fri, 09 Jun 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
नमाज अदा करते रोजेदार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
करहल/मैनपुरी। रमजान उल मुबारक के दूसरे जुमे पर शुक्रवार को मस्जिदों में रोजेदारों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन की दुआ मांगी।
शहर की जामा मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, खजूर वाली मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में दूसरे जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश-ए इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क की हिफाजत के लिए दुआ की और कहा कि कुरान में कहा गया है कि जो शख्स इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो उसके रसूल से दूर हो जाते हैं।
खानकाहे रशीदिया में सज्जादा नशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती ने कहा कि नवी सल्लाहोअलेह वसल्लम ने फरमाया है कि जिस मुसलमान ने तीन जुमे की नमाज कजा की वो काफिर करार दिया गया है। इस मुबारक माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी दूसरे जुमे की विशेष नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया।
करहल में दूसरे जुमा की नमाज करहल में अकीदत के साथ पढ़ी गई। नमाज के लिए मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी। रोजेदारों में जुमा की नमाज को लेकर खासा जोश दिखाई दिया। नमाज के वास्ते मस्जिदों में साफ सफाई आदि के अच्छे बंदोबस्त किए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहर की जामा मस्जिद, खानकाहे रशीदिया, छोटी खानकाह, खजूर वाली मस्जिद, कब्रिस्तान वाली मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में दूसरे जुमे की नमाज अदा की गई। जामा मस्जिद में पेश-ए इमाम मोहम्मद शमी अहमद ने मुल्क की हिफाजत के लिए दुआ की और कहा कि कुरान में कहा गया है कि जो शख्स इस माह में नमाज और रोजे से परहेज रखते हैं वो उसके रसूल से दूर हो जाते हैं।
खानकाहे रशीदिया में सज्जादा नशीन अब्दुर्रहमान खां चिश्ती ने कहा कि नवी सल्लाहोअलेह वसल्लम ने फरमाया है कि जिस मुसलमान ने तीन जुमे की नमाज कजा की वो काफिर करार दिया गया है। इस मुबारक माह में नमाज और रोजे से जिसने परहेज किया वह सच्चा मुसलमान नहीं हो सकता। भोगांव, करहल, बेवर, कुरावली, घिरोर, बरनाहल, किशनी, कुसमरा आदि में भी दूसरे जुमे की विशेष नमाज में बड़ी संख्या में रोजेदारों ने भाग लिया।
विज्ञापन
करहल में दूसरे जुमा की नमाज करहल में अकीदत के साथ पढ़ी गई। नमाज के लिए मस्जिदों में भारी भीड़ उमड़ी। रोजेदारों में जुमा की नमाज को लेकर खासा जोश दिखाई दिया। नमाज के वास्ते मस्जिदों में साफ सफाई आदि के अच्छे बंदोबस्त किए गए।
विज्ञापन