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Agra: ताजनगरी में 80 साल पहले मिट्टी का तेल लेकर सड़कों पर लैंप जलाने निकलते थे लाइटर

Thu, 15 Dec 2022 01:24 PM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा Published by: मुकेश कुमार Updated Thu, 15 Dec 2022 01:24 PM IST
सार

आजादी से पहले नगर पालिका के पास शहर के 321 केरोसिन लैंप जलाने की जिम्मेदारी थी। निगरानी के लिए लाइट इंस्पेक्टर पालिका के रिक्शे में बैठकर रात को निरीक्षण के लिए जाते थे। 

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80 years ago lighters used to light lamps on the streets with kerosene in Agra
ताज के दक्षिणी गेट पर लगा केरोसिन लैंप - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा में तिरंगी एलईडी समेत 60 हजार एलईडी स्ट्रीट लाइटें इस बार के नगर निगम बोर्ड की उपलब्धि हैं। 80 साल पहले नगर पालिका शहर की 321 स्ट्रीट लाइटों की जिम्मेदारी उठाती थी। तब यह सभी लाइटें मिट्टी के तेल यानी केरोसिन से जलाई जातीं थीं। शहर की सड़कों, मोहल्लों से अंधेरा दूर करने के लिए हर शाम को नगर पालिका के लैंप लाइटर हाथ में केरोसिन की कैन लेकर निकलते थे और लैंप पोस्ट का कांच अलग कर उतना ही केरोसिन लैंप में डालते थे जितना सुबह तक जल सके। लैंप जले या नहीं, यह देखने के लिए नगर पालिका के लाइट इंस्पेक्टर हर रात पालिका के रिक्शे और चालक के साथ नगर भ्रमण पर निकलते थे। 

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1960 तक लगे 5379 इलेक्ट्रिक लैंप 

वरिष्ठ पत्रकार और नगर निगम विशेषज्ञ राजीव सक्सेना बताते हैं कि आजादी के बाद स्ट्रीट लाइट पर बड़ा काम हुआ। विद्युतीकरण होने के बाद 1960 तक नगर महापालिका ने 5379 इलेक्ट्रिक लैंप लगवा दिए। इनमें 100 वाट का बल्ब लगाया जाता था। जवाहरपुल पर भी रोशनी के लिए इलेक्ट्रिक लाइटें लगाई गई थीं। तब 1960-61 में भी 321 केरोसीन लैंप शहर में जलाए जाते थे।

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आगरा नगर महापालिका ही नहीं, बल्कि जिले की अन्य नगर पंचायतें और नगर पालिकाओं में भी लैंप लाइटर की बड़ी जिम्मेदारी थी। 1960 में एत्मादपुर नगर पालिका में 78 इलेक्ट्रिक लाइटें थीं, जबकि टूंडला में 200 इलेक्ट्रिक लाइटें। उस समय अछनेरा पालिका में 9 केरोसिन लैंप और 15 पेट्रोमेक्स जलाए जा रहे थे। फतेहाबाद में 80 केरोसिन लैंप जलाए जा रहे थे।

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1971 के युद्ध में बंद कर दी लाइटें

नगर निगम के पूर्व कर्मचारी वीरेंद्र सिंह बताते हैं कि भारत पाकिस्तान युद्ध के दौरान 15 दिनों तक हमले के डर से शहर की सभी स्ट्रीट लाइटें बंद कर दी गई थीं। गलती से कोई लाइट न जल जाए, इसलिए लैंप पोस्ट पर ऊपर डिब्बे और अखबार लगाए दिए गए, ताकि बल्ब जलने पर भी रोशनी न हो। 

1960 में स्ट्रीट लाइट

क्षेत्र       - इलेक्ट्रिक -   केरोसिन
आगरा   - 5379  -  321
टूंडला -   200    -
बाह    -    15
एत्मादपुर -   78    -
फतेहाबाद    -    80

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