{"_id":"5cc9ce39bdec2207334c255d","slug":"71556729401-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्मी का प्रकोप : गर्मी बढ़ते ही मरीजों से फुल हुए अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्मी का प्रकोप : गर्मी बढ़ते ही मरीजों से फुल हुए अस्पताल
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। गर्मी के तेवर बढ़ते ही मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया है। मार्च की अपेक्षा अप्रैल में मरीजों की संख्या का ग्राफ बहुत बढ़ा हुआ पाया गया है। बुधवार को भी अस्पताल में खासी भीड़ देखी गई। भीड़ का दबाव होने के बावजूद अस्पताल में चिकित्सकों की संख्या बहुत कम रही, इसको लेकर मरीजों की बेचैनी बढ़ी रही।
गर्मी के तपिश ऐसी हो गई है कि स्वस्थ इंसान भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा जिला अस्पताल की ओपीडी भी बयां कर रही है। दिनों दिन ओपीडी की संख्या का ग्राफ उठता जा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखा गया और ओपीडी 1249 तक पहुंच गई थी। इतना ही नहीं मई माह में 27 हजार 15 मरीजों के आंकड़े रहे थे लेकिन अप्रैल में यही आंकड़े बढ़कर 29 हजार 799 तक पहुंच गए। मरीजों की संख्या में हो रही दिनों दिन बढ़ोत्तरी को लेकर भी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। यहां आने वाले मरीजों को उपचार देने के लिए चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसकी वजह से मरीज और तीमारदारों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बुधवार को एक भी फिजिशियन अस्पताल में नहीं था जब कि दो-दो फिजिशियन कार्यरत हैं। बच्चों का उपचार भी एक अनट्रेंड बीए एमएस किशोरी से कराया जा रहा है, जब कि उसको बच्चों के रोगों और उपचार का कोई भी अनुभव नहीं है। प्रभारी सीएमएस डा. जयेश करोली का कहना है कि चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हो रही है, इसके बारे में उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी हैं, प्रयास किए जा रहे हैं कि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
विज्ञापन
गर्मी के तपिश ऐसी हो गई है कि स्वस्थ इंसान भी बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या का अंदाजा जिला अस्पताल की ओपीडी भी बयां कर रही है। दिनों दिन ओपीडी की संख्या का ग्राफ उठता जा रहा है। बुधवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या में काफी इजाफा देखा गया और ओपीडी 1249 तक पहुंच गई थी। इतना ही नहीं मई माह में 27 हजार 15 मरीजों के आंकड़े रहे थे लेकिन अप्रैल में यही आंकड़े बढ़कर 29 हजार 799 तक पहुंच गए। मरीजों की संख्या में हो रही दिनों दिन बढ़ोत्तरी को लेकर भी जिला अस्पताल में अव्यवस्थाएं फैली हुई हैं। यहां आने वाले मरीजों को उपचार देने के लिए चिकित्सकों की पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं हैं। इसकी वजह से मरीज और तीमारदारों को परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बुधवार को एक भी फिजिशियन अस्पताल में नहीं था जब कि दो-दो फिजिशियन कार्यरत हैं। बच्चों का उपचार भी एक अनट्रेंड बीए एमएस किशोरी से कराया जा रहा है, जब कि उसको बच्चों के रोगों और उपचार का कोई भी अनुभव नहीं है। प्रभारी सीएमएस डा. जयेश करोली का कहना है कि चिकित्सकों की लापरवाही उजागर हो रही है, इसके बारे में उच्चाधिकारियों को लिखा जा चुका है। गर्मी के चलते मरीजों की संख्या बढ़ी हैं, प्रयास किए जा रहे हैं कि मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके।
विज्ञापन