{"_id":"5ba92f3f867a557f685faf70","slug":"71537814335-agra-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भाजपा जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भाजपा जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी के आदेश
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:08 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मैनपुरी। भाजपा जिलाध्यक्ष की गिरफ्तारी न होने पर सीजेएम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। कोर्ट ने इंस्पेक्टर कोतवाली को गिरफ्तारी के आदेश दिए हैं। गिरफ्तारी न होने पर इंस्पेक्टर को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
वहीं चेयरमैन प्रतिनिधि ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई। थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2008 में क्रिश्चियन तिराहे पर जाम लगाकर रास्ता बाधित करने, लोक शांतिभंग करने, गाली-गलौज करने का एक मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चल रहा है।
इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता, विहिप नेता डॉक्टर अरुण चौहान, ज्ञानेंद्र मिश्रा, विहिप नेता ओमप्रकाश गुप्ता आरोपी हैं। सात सितंबर को सीजेएम शक्ति सिंह ने सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
विज्ञापन
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता और डॉक्टर अरुण चौहान ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनकी पहली भूल होने पर अदालत ने दोनों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी।
अन्य की गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की। सीजेएम ने आदेश में कहा है कि उक्त लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुए, फिर भी उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
साथ ही सरकारी सुरक्षाकर्मी से लोकेशन लेकर गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।
सीजेएम शक्ति सिंह ने एलआईयू प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है कि गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद अभियुक्तगणों ने कितने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग किया। उन्हें सरकारी सुरक्षा प्राप्त है।
विज्ञापन
वहीं चेयरमैन प्रतिनिधि ने कोर्ट में समर्पण कर दिया। इसके बाद उन्हें जमानत दे दी गई। थाना कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2008 में क्रिश्चियन तिराहे पर जाम लगाकर रास्ता बाधित करने, लोक शांतिभंग करने, गाली-गलौज करने का एक मुकदमा सीजेएम कोर्ट में चल रहा है।
विज्ञापन
इसमें भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक गुप्ता, चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता, विहिप नेता डॉक्टर अरुण चौहान, ज्ञानेंद्र मिश्रा, विहिप नेता ओमप्रकाश गुप्ता आरोपी हैं। सात सितंबर को सीजेएम शक्ति सिंह ने सभी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए थे।
विज्ञापन
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान चेयरमैन प्रतिनिधि लक्ष्मण गुप्ता और डॉक्टर अरुण चौहान ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। उनकी पहली भूल होने पर अदालत ने दोनों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दी।
अन्य की गिरफ्तारी न होने पर अदालत ने नाराजगी जाहिर की। सीजेएम ने आदेश में कहा है कि उक्त लोग सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल हुए, फिर भी उनकी गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई।
साथ ही सरकारी सुरक्षाकर्मी से लोकेशन लेकर गिरफ्तारी क्यों नहीं की गई। अगली सुनवाई के लिए 28 सितंबर की तारीख निर्धारित की गई है।
सीजेएम शक्ति सिंह ने एलआईयू प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है कि गैरजमानती वारंट जारी होने के बाद अभियुक्तगणों ने कितने सार्वजनिक कार्यक्रमों में भाग किया। उन्हें सरकारी सुरक्षा प्राप्त है।