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सांकरी खोर पर मटकी फोड़ लीला देख आनंदित हुए श्रद्धालु
Updated Sat, 22 Sep 2018 08:48 PM IST
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बरसाना (मथुरा)। दस दिवसीय बूढ़ी लीला के तहत शनिवार को छोटी परिक्रमा मार्ग स्थित सांकरी खोर में मटकी फोड़ लीला का आयोजन किया गया। सुबह से ही लीला स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही।
लीला के दौरान ब्रज गोपियां दूध-दही लेकर इस मार्ग से निकलीं। माखन लूटने के लिए श्रीकृष्ण, ग्वाल-बालों के साथ सांकरी गली पहुंचे और गोपियों से रास्ते का दान मांगने लगे। गोपियों के मना करने पर वह उनकी मटकी से छीना-झपटी करने लगे। छीना झपटी में मटकी गिर कर फूट गई।
मटकी फूटने के साथ ही सांकरी खोर मटकी फोड़ भगवान के जयकारों से गूंज उठी। इससे पहले नंदगांव-बरसाना के गोस्वामी समाज ने सांकरी खोर में दान लीला के पदों का गायन किया। तुम ठाड़ी रहो री ब्रज नारि हमारौ दान दै जाऔ.., न जानै कहां जात चली हैं, दान न देऔ कुमारी... का गायन किया गया। कस्बे में श्रीजी के छठी महोत्सव के दौरान वृषभानु मंदिर, गोकुल गोस्वामी, मान बिहारी गोस्वामी ने साधु-ब्राह्मण भोजन कराया।
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मटकी फोड़ लीला के दौरान हुई भगदड़
मटकी फूटते ही पहाड़ी पर श्रद्धालुओं का सैलाब माखन और दही का प्रसाद लेने के लिए टूट पड़ा। श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। श्रद्धालुओं को गिरता देख कर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। उससे पहले पुलिस सुरक्षा को छोड़कर तमाशबीन बनी खड़ी रही। वर्ष 2016 में भी सांकरी खोर में भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए थे।
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लीला के दौरान ब्रज गोपियां दूध-दही लेकर इस मार्ग से निकलीं। माखन लूटने के लिए श्रीकृष्ण, ग्वाल-बालों के साथ सांकरी गली पहुंचे और गोपियों से रास्ते का दान मांगने लगे। गोपियों के मना करने पर वह उनकी मटकी से छीना-झपटी करने लगे। छीना झपटी में मटकी गिर कर फूट गई।
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मटकी फूटने के साथ ही सांकरी खोर मटकी फोड़ भगवान के जयकारों से गूंज उठी। इससे पहले नंदगांव-बरसाना के गोस्वामी समाज ने सांकरी खोर में दान लीला के पदों का गायन किया। तुम ठाड़ी रहो री ब्रज नारि हमारौ दान दै जाऔ.., न जानै कहां जात चली हैं, दान न देऔ कुमारी... का गायन किया गया। कस्बे में श्रीजी के छठी महोत्सव के दौरान वृषभानु मंदिर, गोकुल गोस्वामी, मान बिहारी गोस्वामी ने साधु-ब्राह्मण भोजन कराया।
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मटकी फोड़ लीला के दौरान हुई भगदड़
मटकी फूटते ही पहाड़ी पर श्रद्धालुओं का सैलाब माखन और दही का प्रसाद लेने के लिए टूट पड़ा। श्रद्धालु एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। श्रद्धालुओं को गिरता देख कर पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया। गनीमत रही कि कोई घायल नहीं हुआ। उससे पहले पुलिस सुरक्षा को छोड़कर तमाशबीन बनी खड़ी रही। वर्ष 2016 में भी सांकरी खोर में भगदड़ मच गई थी, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए थे।