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रैकिंग में उछाल, सेहत फिर भी खराब

Sat, 04 Aug 2018 11:00 PM IST
Updated Sat, 04 Aug 2018 11:00 PM IST
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रैकिंग में उछाल, सेहत फिर भी खराब
hospital
एटा। रैंकिंग सुधर गई है, लेकिन सेहत आज भी नासाज है। न तो डॉक्टर हैं और न कोई सुविधाएं। स्वास्थ्य विभाग भले ही अपनी सुधरती रैकिंग पर पीठ थपथपा रहा है, लेकिन हकीकत आज भी मरीजों के परेशान चेहरों से साफ बयां होती है। कागजों पर टीकाकरण, प्रसव और साफ-सफाई के नाम पर बड़े-बड़े आंकड़ों का जिक्र कर दिया गया, मगर सेहत सुधारने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग मरीजों को दर्द ही दे रहा है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई प्रदेश रैकिंग में जिला 48वें पायदान से 21वेें पायदान पर आ गया है, लेकिन आज भी सुविधाओं का अभाव मरीजों के लिए सिरदर्द है। पढ़िए रिपोर्ट...
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शासन करता है तिमाही रैंकिंग
दरअसल, शासन की ओर से हर तिमाही में प्रत्येक जिले के अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवाओं और साफ-सफाई समेत सरकारी योजनाओं के हाल को लेकर रैकिंग की जाती है। दिसंबर 2017 तक जिले की स्थिति बेहतर थी और जिला प्रदेश में चौथे पायदान पर था। इसके बाद मार्च 2018 में रैकिंग गिरकर 48 हो गई। अब शासन ने जून 2018 की रैकिंग जारी की है। जिसमें जिला 21वें स्थान पर आ गया है।
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संस्थागत प्रसव का हाल बेहाल
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक जिले में संस्थागत प्रसव की प्रगति 126.20 फीसदी है। विभाग का दावा है कि अब तक 12109 प्रसव हो चुके हैं, लेकिन अवैध प्रसव केंद्रों पर लगाम नहीं लग सकी है। आलम यह है कि अप्रैल 2018 से अब तक 23 महिलाओं की मौत हो चुकी हैं।
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84 चिकित्सकों के पद पड़े खाली
रैंकिंग के आधार पर जिले में स्वास्थ्य सेवाएं लोगों को पूरा इलाज दे रही हैं, लेकिन इलाज देने वाले चिकित्सक ही जिले में नहीं है। जिले में स्वीकृत 137 पदों के सापेक्ष कुल 84 पद रिक्त पड़े हैं। जिला महिला चिकित्सालय में 13 पदों के सापेक्ष महज दो चिकित्सक हैं।
दवाओं का अभाव बरकरार
जिले में दवाओं की उपलब्धता भी हाशिए पर रहती है। जिला अस्पताल और महिला अस्पताल में कुल 243 जीवनरक्षक दवाओं में से 138 की उपलब्धता है। जबकि नौ सीएचसी पर 162 दवाओं में से महज 122 ही उपलब्ध हैं। ऐसे में रैकिंग की आंकड़ेबाजी गले उतरती नजर नहीं आती।

कहते हैं आंकड़े
04 सीएचसी जिले में
34 पीएचसी हैं जिले में
137 पद हैं डॉक्टरों के
53 डॉक्टरों की है तैनाती
07 डॉक्टर चाहिए एक सीएचसी पर
02 डॉक्टर तैनात हैं एक सीएचसी पर
27 पद हैं जिला अस्पताल में चिकित्सकों के
14 चिकित्सकों की है तैनाती
13 पद हैं जिला महिला अस्पताल में डाक्टरों के
02 चिकित्सकों की तैनाती है अस्पताल में
1500 मरीज रोज पहुंचते हैं जिला अस्पताल
वर्जन
लगातार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है। जिसके चलते रैकिंग में उछाल आया है। चिकित्सकों की कमी को दूर करने के लिए शासन को लिखा गया है। उम्मीद है जल्द समस्या का समाधान होगा।
डॉ. अजय अग्रवाल, सीएमओ
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