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सोरों के तीर्थस् थल घोषित नहीं होने से रोष
Updated Sun, 01 Jul 2018 11:32 PM IST
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सोरों। प्रदेश सरकार द्वारा सोरों को तीर्थ स्थल का दर्जा देने में हो रही देरी से युवा तीर्थ पुरोहितों में रोष है। अखंड आर्यावर्त संघ द्वारा बैठक कर आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई।
संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा का कहना है कि ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ स्थली के साथ सरकार का सौतेला व्यवहार कर रही है, जबकि भाजपा की प्रदेश में रही पूर्ववर्ती सरकारें भी इसे तीर्थ का दर्जा देने का छलावा करती आई हैं। वर्तमान में केंद्र व प्रदेश में भी भगवा सरकारें हैं, फिर भी सोरों को तीर्थ का दर्जा देने में विलंब क्यों।
बैठक में 4 जुलाई को इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बाद एक पखवाड़े का अंादोलन शुरु करने का निर्णय लिया गया। 10 जुलाई को हरि की पैड़ी पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ, 12 जुलाई को कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च, 14 जुलाई को अर्धनग्न प्रदर्शन, 16 जुलाई को मानव श्रंखला बनाने, 18 जुलाई को जल सत्याग्रह, 20 जुलाई को समाधि सत्याग्रह, 22 जुलाई को काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन, 25 जुलाई को दो दिवसीय क्रमिक अनशन व उसके पश्चात आमरण अनशन होगा। बैठक में सीटू तिवारी, सचिन उपाध्याय, विवेक दीक्षित, कपिल पंडित, रामू महेरे, सीताराम तिवारी, प्रमोद उपाध्याय, विष्णु नवल, श्याम दीक्षित, मोहित चौबे,जोएब गाजी, गोपाल भारद्वाज रहे।
संघ के अध्यक्ष भूपेश शर्मा का कहना है कि ऐतिहासिक एवं पौराणिक तीर्थ स्थली के साथ सरकार का सौतेला व्यवहार कर रही है, जबकि भाजपा की प्रदेश में रही पूर्ववर्ती सरकारें भी इसे तीर्थ का दर्जा देने का छलावा करती आई हैं। वर्तमान में केंद्र व प्रदेश में भी भगवा सरकारें हैं, फिर भी सोरों को तीर्थ का दर्जा देने में विलंब क्यों।
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बैठक में 4 जुलाई को इस संबंध में जिलाधिकारी को ज्ञापन देने के बाद एक पखवाड़े का अंादोलन शुरु करने का निर्णय लिया गया। 10 जुलाई को हरि की पैड़ी पर बुद्धि शुद्धि यज्ञ, 12 जुलाई को कलक्ट्रेट तक पैदल मार्च, 14 जुलाई को अर्धनग्न प्रदर्शन, 16 जुलाई को मानव श्रंखला बनाने, 18 जुलाई को जल सत्याग्रह, 20 जुलाई को समाधि सत्याग्रह, 22 जुलाई को काली पट्टी बांधकर धरना प्रदर्शन, 25 जुलाई को दो दिवसीय क्रमिक अनशन व उसके पश्चात आमरण अनशन होगा। बैठक में सीटू तिवारी, सचिन उपाध्याय, विवेक दीक्षित, कपिल पंडित, रामू महेरे, सीताराम तिवारी, प्रमोद उपाध्याय, विष्णु नवल, श्याम दीक्षित, मोहित चौबे,जोएब गाजी, गोपाल भारद्वाज रहे।
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