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तीन आरोपी बरी, पुलिस नहीं कर सकी दोष सिद्ध
Updated Wed, 18 Apr 2018 12:10 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
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कासगंज।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या दो सुंदरलाल ने सिढ़पुरा थाना पुलिस मुठभेड़ के मामले में एक आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर पांच साल की सजा सुनाई है और दस हजार रुपये का अर्थ दंड आरोपित किया है। इस मुठभेड़ के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोष सिद्ध न होने पर बरी कर कर दिया।
वर्ष 2014 में 20/21 दिसंबर की रात्रि को सिढ़पुरा के बकावली इलाके में पशु चोरी के मामले में पशु चोरों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पुलिस ने राजीव पुत्र बैजनाथ निवासी हल्लेपुर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में राजीव से पूछताछ कर पुलिस ने आसिफ उर्फ मुनीश कुरैशी, शादाब पुत्र नन्ने कुरैशी, जाहिद पुत्र नन्ने कुरैशी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में न्यायालय में पुलिस मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने न्यायालय से आरोपियों को अधिकतम सजा के लिए बहस की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने भी बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत किए। बहस के बाद अपर जिला जज ने राजीव को जान लेवा हमले की धारा में दोष सिद्ध पाया। राजीव को पांच साल की सजा सुनाई गई और दस हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। इस मामले के एक अन्य आरोपी गुड्डू उर्फ राशिद की मुकद्दमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। शेष तीन आरोपी आ िसफ उर्फ मुनीश कुरैशी, सादाब एवं जाहिद को न्यायालय ने दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश त्वरित न्यायालय कक्ष संख्या दो सुंदरलाल ने सिढ़पुरा थाना पुलिस मुठभेड़ के मामले में एक आरोपी पर दोष सिद्ध होने पर पांच साल की सजा सुनाई है और दस हजार रुपये का अर्थ दंड आरोपित किया है। इस मुठभेड़ के मामले में तीन आरोपियों को न्यायालय ने दोष सिद्ध न होने पर बरी कर कर दिया।
वर्ष 2014 में 20/21 दिसंबर की रात्रि को सिढ़पुरा के बकावली इलाके में पशु चोरी के मामले में पशु चोरों की पुलिस से मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में पुलिस ने राजीव पुत्र बैजनाथ निवासी हल्लेपुर को गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में राजीव से पूछताछ कर पुलिस ने आसिफ उर्फ मुनीश कुरैशी, शादाब पुत्र नन्ने कुरैशी, जाहिद पुत्र नन्ने कुरैशी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया। इस मामले में न्यायालय में पुलिस मजबूत साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप कुमार वर्मा ने न्यायालय से आरोपियों को अधिकतम सजा के लिए बहस की। बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने भी बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत किए। बहस के बाद अपर जिला जज ने राजीव को जान लेवा हमले की धारा में दोष सिद्ध पाया। राजीव को पांच साल की सजा सुनाई गई और दस हजार रुपये का जुर्माना आरोपित किया गया। इस मामले के एक अन्य आरोपी गुड्डू उर्फ राशिद की मुकद्दमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई थी। शेष तीन आरोपी आ िसफ उर्फ मुनीश कुरैशी, सादाब एवं जाहिद को न्यायालय ने दोष मुक्त करते हुए बरी कर दिया।
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