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200 साल पुराना है माता पथवारी का मंदिर
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:57 PM IST
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मंदिर में मां का हुआ श्रृंगार
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। शहर के ठंडी सड़क स्थित माता पथवारी मंदिर में भक्तों के दुखड़े दूर होते हैं। यहां 12 महीनों के साथ नवरात्र में भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ता है। खास बात यह है कि यहां नौ देवियों के स्वरूप का विग्रह है। जिसकी काफी मान्यता है।
बताया जाता है कि 200 वर्ष पुराने इस मंदिर से भक्तों की विशेष आस्था जुड़ी है। कई साल पहले यहां पीपल के पेड़ के नीचे एक देवी की स्थापना थी। जिसकी पूजा के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ता था। धीरे-धीरे मंदिर के पास आबादी बढ़ने लगी तो मंदिर का भी जीर्णोद्धार होने लगा।
श्रद्धालुओं की मानें तो तीन दशक पहले मंदिर के पीछे बड़ा तालाब था, जो धीरे-धीरे खत्म हो गया। इस दौरान बाबा विश्राम दास ने मंदिर की व्यवस्था की बागडोर संभाली और मंदिर का विकास कराया। इसके बाद पुजारी पोखपाल ने मंदिर में मातारानी सेवा में जीवन अर्पित किया।
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ऐसा माना जाता है कि जो भक्त यहां सच्चे मन से मुरादें लेकर आते हैं, मातारानी उन पर अपनी कृपा जरूर बरसाती हैं। मंदिर की बागडोर संभाल रही पुजारिन कमलेश ने बताया कि मातारानी हर किसी की मुराद पूरी करती हैं। यहां रोज श्रद्धालुओं की कतार लगती है।
श्रद्धालु शालिनी कहती हैं कि मातारानी के दर्शनों से पुण्य की प्राप्ति होती है। मां के दर से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हूं। वसुंधरा देवी का कहना है कि मां के नौ स्वरूपों का विग्रह काफी सुंदर है।
श्रद्धालु नेहा कहती हैं कि मातारानी के आशीष से सारे काम हो रहे हैं। श्रद्धालु आकांक्षा राघव कहती हैं कि पथवारी माता सबके दुखड़े दूर करती हैं। यहां हर मनोकामना पूरी होती है।
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बताया जाता है कि 200 वर्ष पुराने इस मंदिर से भक्तों की विशेष आस्था जुड़ी है। कई साल पहले यहां पीपल के पेड़ के नीचे एक देवी की स्थापना थी। जिसकी पूजा के लिए भक्तों का सैलाब उमड़ता था। धीरे-धीरे मंदिर के पास आबादी बढ़ने लगी तो मंदिर का भी जीर्णोद्धार होने लगा।
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श्रद्धालुओं की मानें तो तीन दशक पहले मंदिर के पीछे बड़ा तालाब था, जो धीरे-धीरे खत्म हो गया। इस दौरान बाबा विश्राम दास ने मंदिर की व्यवस्था की बागडोर संभाली और मंदिर का विकास कराया। इसके बाद पुजारी पोखपाल ने मंदिर में मातारानी सेवा में जीवन अर्पित किया।
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ऐसा माना जाता है कि जो भक्त यहां सच्चे मन से मुरादें लेकर आते हैं, मातारानी उन पर अपनी कृपा जरूर बरसाती हैं। मंदिर की बागडोर संभाल रही पुजारिन कमलेश ने बताया कि मातारानी हर किसी की मुराद पूरी करती हैं। यहां रोज श्रद्धालुओं की कतार लगती है।
श्रद्धालु शालिनी कहती हैं कि मातारानी के दर्शनों से पुण्य की प्राप्ति होती है। मां के दर से कभी खाली हाथ नहीं लौटी हूं। वसुंधरा देवी का कहना है कि मां के नौ स्वरूपों का विग्रह काफी सुंदर है।
श्रद्धालु नेहा कहती हैं कि मातारानी के आशीष से सारे काम हो रहे हैं। श्रद्धालु आकांक्षा राघव कहती हैं कि पथवारी माता सबके दुखड़े दूर करती हैं। यहां हर मनोकामना पूरी होती है।