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पुलिस न बनने से प्रदर्शन
Updated Tue, 16 Jan 2018 11:29 PM IST
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टूंडला।
बेहड़ीक्षेत्र गांव कोट कसौंदी में 20 माह पूर्व बरसात से ध्वस्त पुलिया न बनने से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिया का निर्माण न होने से आक्रोशित ग्रामीण महिला-पुरुषों ने शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण शुरू न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कोट कसोंदी स्थित गांव ठार हाथी में आठ सैकड़ा की आबादी है। ग्रामीण व अन्य क्षेत्रीय लोग कसौंदी स्थित पुलिया से गांव रसूलाबाद संपर्क मार्ग होकर टूंडला आते-जाते थे लेकिन 18 जुलाई 2016 की रात हुई मूसलाधार बारिश से संपर्क मार्ग में बनी पुलिस ध्वस्त हो गई। इससे करीब दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाली इस पुलिया के बरसात बंद होने के बाद भी बनवाने का कार्य नहीं हुआ। तब ग्रामीणों ने कई बार तहसील दिवस और सरकार बदलने के बाद दो बार कैबिनेट मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल को समस्या से अवगत कराया।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही उन्हें टूंडला जाने के लिए तीन किमी दूर-दराज रास्ते से जाना पड़ रहा है। गुस्साए महिला-पुरुषों ने देवकरन दिलावर के नेतृत्व में शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। इसके साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी। चेतावनी देने वालों में देवकरन दिलावर, महीपाल, शांतीनंदन, अतरजन सिंह, दुलीचंद्र, रामभरोसी, सहदेव, बीरीसिंह, राजेंद्र कुमार, रामवेटी देवी, शांती देवी, मुन्नीदेवी, रेखा देवी आदि मौजूद थे।
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ये हैं ध्वस्त पुलिया से प्रभावित गांव
पुलिया के ध्वस्त होने से ठार हाथी, ठार नाथू, ठार बल्दी, रसूलाबाद, गदलपुरा, पीपरिया, नगला राजपति, भीकनुपर बझेरा, ग्वारई, कुर्रा, गढी थानी, ठार गंगाराम, ऐलई, जटई, बालमपुर, जटपुरा, छांहरी, ठार खूबी, नगला कदम व गढी साहब आदि गांव प्रभावित हैं।
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बेहड़ीक्षेत्र गांव कोट कसौंदी में 20 माह पूर्व बरसात से ध्वस्त पुलिया न बनने से क्षेत्र के करीब दो दर्जन गांव प्रभावित हैं। शिकायतों के बावजूद पुलिया का निर्माण न होने से आक्रोशित ग्रामीण महिला-पुरुषों ने शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण शुरू न किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
कोट कसोंदी स्थित गांव ठार हाथी में आठ सैकड़ा की आबादी है। ग्रामीण व अन्य क्षेत्रीय लोग कसौंदी स्थित पुलिया से गांव रसूलाबाद संपर्क मार्ग होकर टूंडला आते-जाते थे लेकिन 18 जुलाई 2016 की रात हुई मूसलाधार बारिश से संपर्क मार्ग में बनी पुलिस ध्वस्त हो गई। इससे करीब दो दर्जन गांवों को जोड़ने वाली इस पुलिया के बरसात बंद होने के बाद भी बनवाने का कार्य नहीं हुआ। तब ग्रामीणों ने कई बार तहसील दिवस और सरकार बदलने के बाद दो बार कैबिनेट मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल को समस्या से अवगत कराया।
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ग्रामीणों का कहना है कि गांव के बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है। इसके साथ ही उन्हें टूंडला जाने के लिए तीन किमी दूर-दराज रास्ते से जाना पड़ रहा है। गुस्साए महिला-पुरुषों ने देवकरन दिलावर के नेतृत्व में शासन-प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी की। इसके साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी। चेतावनी देने वालों में देवकरन दिलावर, महीपाल, शांतीनंदन, अतरजन सिंह, दुलीचंद्र, रामभरोसी, सहदेव, बीरीसिंह, राजेंद्र कुमार, रामवेटी देवी, शांती देवी, मुन्नीदेवी, रेखा देवी आदि मौजूद थे।
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ये हैं ध्वस्त पुलिया से प्रभावित गांव
पुलिया के ध्वस्त होने से ठार हाथी, ठार नाथू, ठार बल्दी, रसूलाबाद, गदलपुरा, पीपरिया, नगला राजपति, भीकनुपर बझेरा, ग्वारई, कुर्रा, गढी थानी, ठार गंगाराम, ऐलई, जटई, बालमपुर, जटपुरा, छांहरी, ठार खूबी, नगला कदम व गढी साहब आदि गांव प्रभावित हैं।