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विश्व स्तनपान दिवस मनाना भूला स्वास्थ्य विभाग
Updated Tue, 01 Aug 2017 11:28 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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कासगंज।
ईश्वर ने बच्चे के लिए मां का दूध वरदान के रूप में दिया है। जो बच्चे बचपन में मां का दूध पीते हैं उनमें हमेशा रोग से लड़ने की क्षमता अधिक होती है। आधुनिक युग में माताएं बच्चों के स्तनपान को लिए गंभीर नहीं रहतीं तो स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। विभाग स्तन पान दिवस को मनाना ही भूल गया। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए।
स्तनपान के महत्व को देखते हुए एक अगस्त को विश्व स्तनपान दिवस निर्धारित किया गया है। इस दिवस को मनाने के पीछे मंशा यह रहती है कि स्वास्थ्य विभाग महिलाओं को जागरूक करे जिससे वे अपने बच्चे को कम से छह माह तक स्तन पान करा सके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इस बारे में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रंगजी दबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग ने कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है। बुधवार को टीकाकरण दिवस है। इस दिवस को आंगनबाड़ी, एएनएम आदि टीकाकरण में व्यस्त रहेगीं। इसलिए विभाग अब गुरुवार से सप्ताह का आयोजन कर महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करेगा।
स्तनपान के फायदे
बच्चे को डायरिया जैसे रोग की संभावना कम हो जाती है।
मां के दूध में मौजूद तत्व बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
स्तनपान कराने से मां व बच्चे के मध्य भावनात्मक लगाव बढ़ता है।
मां का दूध न मिलने पर बच्चे में कुपोषण व सूखा रोग की संभावना बढ़ जाती है।
स्तनपान कराने से मां को स्तन केंसर की संभावना कम हो जाती है।
मां का दूध पीने वाले बच्चे का तेजी से विकास होता है।
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ईश्वर ने बच्चे के लिए मां का दूध वरदान के रूप में दिया है। जो बच्चे बचपन में मां का दूध पीते हैं उनमें हमेशा रोग से लड़ने की क्षमता अधिक होती है। आधुनिक युग में माताएं बच्चों के स्तनपान को लिए गंभीर नहीं रहतीं तो स्वास्थ्य विभाग भी पूरी तरह लापरवाह बना हुआ है। विभाग स्तन पान दिवस को मनाना ही भूल गया। किसी भी स्वास्थ्य केंद्र पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए।
स्तनपान के महत्व को देखते हुए एक अगस्त को विश्व स्तनपान दिवस निर्धारित किया गया है। इस दिवस को मनाने के पीछे मंशा यह रहती है कि स्वास्थ्य विभाग महिलाओं को जागरूक करे जिससे वे अपने बच्चे को कम से छह माह तक स्तन पान करा सके। लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस ओर ध्यान नहीं दे रहा। इस बारे में जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. रंगजी दबे से बात की गई तो उन्होंने बताया कि विभाग ने कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया है। बुधवार को टीकाकरण दिवस है। इस दिवस को आंगनबाड़ी, एएनएम आदि टीकाकरण में व्यस्त रहेगीं। इसलिए विभाग अब गुरुवार से सप्ताह का आयोजन कर महिलाओं को स्तनपान के प्रति जागरूक करेगा।
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स्तनपान के फायदे
बच्चे को डायरिया जैसे रोग की संभावना कम हो जाती है।
मां के दूध में मौजूद तत्व बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं।
स्तनपान कराने से मां व बच्चे के मध्य भावनात्मक लगाव बढ़ता है।
मां का दूध न मिलने पर बच्चे में कुपोषण व सूखा रोग की संभावना बढ़ जाती है।
स्तनपान कराने से मां को स्तन केंसर की संभावना कम हो जाती है।
मां का दूध पीने वाले बच्चे का तेजी से विकास होता है।