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अब 58 भूमाफिया की सूची जारी
Updated Mon, 03 Jul 2017 11:34 PM IST
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भूमि
- फोटो : अमर उजाला
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मैनपुरी। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने 58 भू माफिया चिन्हित किए हैं। भू माफियाओं का चिन्हीकरण करने के बाद उनकी सूची जारी कर दी है। जिले में अभी भी भू माफिया चिन्हित करने की कार्रवाई चल रही है। प्रशासन की कार्रवाई से जमीनों पर कब्जा करने वालों में हड़कंप मचा है। उनकी नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर लगी हुई है।
प्रदेश में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री ने भू माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शासन से मिले निर्देश के बाद प्रशासन ने आनन फानन में भू माफिया चिन्हीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों द्वारा तैयार की गई सूची पर डीएम यशवंत राव ने नाराजगी जताते हुए दोबारा भू माफिया को चिन्हित करने के निर्देश दिए। डीएम के कड़े तेवरों के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने बड़े भू माफिया को छोड़कर छोटे लोगों की सूची बनाकर डीएम के सामने पेश की थी। बाद में डीएम का रुख देख अधिकारी सकते में आ गए। राजस्व कर्मियों और पुलिस अभिलेखों की मदद से अधिकारियों ने सभी तहसीलों का रिकार्ड खंगाला। अभिलेखों का मिलान करने के बाद अधिकारियों ने 58 लोगों को भू माफिया के रूप में चिन्हित कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इस बार तैयार की गई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो सरकारी जमीनों के अलावा समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। सूची जारी होने के बाद लोगों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। पूर्व सरकार में सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं पर जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगे थे।
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डीएम यशवंत राव का कहना है कि शासन के निर्देश पर भू माफिया की सूची बना ली गई है। अभी भू माफिया को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है। नौ बड़े भू माफिया के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी है।
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प्रदेश में सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री ने भू माफिया को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। शासन से मिले निर्देश के बाद प्रशासन ने आनन फानन में भू माफिया चिन्हीकरण की कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों द्वारा तैयार की गई सूची पर डीएम यशवंत राव ने नाराजगी जताते हुए दोबारा भू माफिया को चिन्हित करने के निर्देश दिए। डीएम के कड़े तेवरों के बाद अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
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सूत्रों की मानें तो अधिकारियों ने बड़े भू माफिया को छोड़कर छोटे लोगों की सूची बनाकर डीएम के सामने पेश की थी। बाद में डीएम का रुख देख अधिकारी सकते में आ गए। राजस्व कर्मियों और पुलिस अभिलेखों की मदद से अधिकारियों ने सभी तहसीलों का रिकार्ड खंगाला। अभिलेखों का मिलान करने के बाद अधिकारियों ने 58 लोगों को भू माफिया के रूप में चिन्हित कर लिया है। सूत्रों की मानें तो इस बार तैयार की गई सूची में ऐसे लोगों को शामिल किया गया है जो सरकारी जमीनों के अलावा समाज के कमजोर वर्ग के लोगों की जमीन पर कब्जा कर चुके हैं। सूची जारी होने के बाद लोगों की नजर अब प्रशासन के अगले कदम पर टिकी है। पूर्व सरकार में सत्तारूढ़ दल के कई नेताओं पर जमीनों पर कब्जा करने के आरोप लगे थे।
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डीएम यशवंत राव का कहना है कि शासन के निर्देश पर भू माफिया की सूची बना ली गई है। अभी भू माफिया को चिन्हित करने की कार्रवाई जारी है। नौ बड़े भू माफिया के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज करा दी है।